BNP NEWS DESK। Nitish Kumar नीतीश कुमार ने पहली बार गुरुवार को मुख्यमंत्री का पद छोड़ने की चर्चा की। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के क्रम में उन्होंने कहा कि शुक्रवार को राज्यसभा की सदस्यता लेने के तीन-चार दिन बाद पटना लौटकर वह मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे।
Nitish Kumar मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि एक बार वह राज्यसभा जाएं। इसी को ध्यान में रखकर वह राज्यसभा के लिए होने वाले चुनाव में शामिल हुए। जब उनसे यह सवाल किया गया कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप मे उनकी पसंद किस नाम पर है, तब वह इस सवाल को टाल गए। कहा कि वह दिल्ली जरूर जा रहे, किंतु बिहार पर भी नजर रहेगी। सरकार के कामकाज के साथ-साथ जदयू के संगठन का काम भी देखेंगे।
मालूम हो कि हाल ही में नीतीश कुमार चौथी बार निर्विरोध जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। शुक्रवार को नीतीश राज्यसभा की सदस्यता के लिए शपथ लेंगे। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उनका शपथ ग्रहण होगा। शपथ ग्रहण के साथ ही नीतीश बिहार के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो जाएंगे, जिन्हें विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा में रहने का अवसर मिला।
जदयू का जोर, विधानसभा अध्यक्ष पद उसके खाते में आए :
नई सरकार के गठन के फार्मूले के बाद अहम यह है कि अगला विधानसभा अध्यक्ष कौन होगा। वर्तमान में भाजपा कोटे से डा. प्रेम कुमार इस पद पर हैं। अब भाजपा कोटे का मुख्यमंत्री होने के बाद जदयू का जोर इस बात पर है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद उसके खाते में आना चाहिए। हाल के वर्षों में एनडीए में जदयू से मुख्यमंत्री रहे हैं तो विधानसभा अध्यक्ष भाजपा का रहा है। मुख्यमंत्री का नाम 14 अप्रैल तक तय होने के साथ ही नए विधानसभा अध्यक्ष का नाम भी तय हो जाएगा।
गृह विभाग की भी चाहत
विधानसभा अध्यक्ष पद के अलावा जदयू की इच्छा यह भी है कि गृह विभाग का जिम्मा उसके पास रहे। पूर्व में मुख्यमंत्री रहते हुए लंबी अवधि तक गृह विभाग का जिम्मा नीतीश कुमार के पास था। बाद में नई सरकार के गठन के बाद यह विभाग उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास चला गया।
इस संदर्भ को केंद्र में रख जदयू यह चाहता है कि गृह विभाग जदयू कोटे से जो दो उप मुख्यमंत्री होंगे, उन्हें दिया जाए। दो उप मुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी व निशांत कुमार का नाम चर्चा में है। विजय चौधरी के उप मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष का पद जदयू के किसी अतिपिछड़ा वर्ग के नेता को जा सकता है। Nitish Kumar
















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