BNP NEWS DESK। Municipal council वाराणसी नगर निगम द्वारा मछली एवं मीट विक्रेताओं को शहर से बाहर स्थानांतरित करने संबंधी आदेश के विरोध में सोमवार को साझा संस्कृति मंच की अगुवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के व्यवसायियों, राजनैतिक दल और सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें नगर निगम के निर्णय को हजारों छोटे व्यापारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
एक दिवसीय सांकेतिक दुकान बंदी
Municipal council साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 जुलाई (बुधवार) को पूरे वाराणसी में एक दिवसीय सांकेतिक दुकान बंदी की जाएगी। इस दौरान शहर के लगभग 15 प्रमुख मंडियों पर मीट एवं मछली की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी और व्यवसायी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व संवाद, सर्वेक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था या प्रभावित व्यवसायियों से चर्चा किए यह आदेश जारी किया है।
व्यवसायियों ने कहा कि वे कानून और व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन रोज़गार छीनने वाले किसी भी एकतरफा निर्णय को स्वीकार नहीं करेंगे। किया नगर निगम एवं जिला प्रशासन से अपील की कि आदेश को तत्काल स्थगित कर व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर न्यायसंगत और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। बैठक में मुख्य रूप से राघवेंद्र चौबे, संजीव सिंह, मोहम्द अंसार, धन्नजय त्रिपाठी, सुमित सोनकर, रामजन्म, नीति, मनीष शर्मा, दिनेश चौहान,नवाब, अंसार किशन यादव, जिंतेंद्र कुमार, सिराज, शेरू इत्यादि शामिल रहे।













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