BNP NEWS DESK। Credit Card आरबीआई ने कहा है कि क्रेडिट कार्ड के जरिये धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के पांच दिनों में बैंक को ग्राहक को विवादित राशि का अस्थायी क्रेडिट (शैडो रिवर्सल) देना होगा। हालांकि, अगर डिजिटल धोखाधड़ी की शिकायत पांच दिनों के बाद मिलती है तो ग्राहक की जिम्मेदारी बैंक की नीति के अनुसार तय की जाएगी।
Credit Card आरबीआई ने डिजिटल ट्रांजेक्शन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने के लिए संशोधित फ्रेमवर्क जारी किया है। ये नियम एक जनवरी, 2027 से लागू किए जाएंगे। संशोधित नियमों के तहत बैंक को अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को इस तरह बनाना चाहिए कि ग्राहक इलेक्ट्रानिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन करने में सुरक्षित महसूस करें। साथ ही, ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंक को उचित सिस्टम और प्रक्रियाएं लागू करनी चाहिए।
डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए ग्राहकों को तुरंत एसएमएस अलर्ट भेजें
आरबीआई ने कहा, “बैंक के लिए यह जरूरी है कि वह 500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सभी डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए ग्राहकों को तुरंत एसएमएस अलर्ट भेजें, लेकिन इसके लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।” बैंक को मैसेज डिलीवर होने के साथ ही अगर ग्राहक कोई जवाब देता है तो उसका समय और तारीख पर रिकार्ड करनी होगी। Credit Card
मार्च में आरबीआई ने मसौदा निर्देशों के जरिये अनधिकृत ट्रांजेक्शन में ग्राहकों की जिम्मेदारी को सीमित करने वाले मौजूदा निर्देशों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।
इस पर कुछ हितधारकों ने क्रेडिट कार्ड के जरिये धोखाधड़ी के मामले में अस्थायी क्रेडिट से जुड़ा प्रविधान शामिल करने का सुझाव दिया था, जिसे आरबीआई ने मान लिया है। उधर, आरबीआइ ने कहा है कि एक लाख करोड़ रुपये या उससे ज्यादा परिसंपत्तियों वाली एनबीएफसी को ऊपरी श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी कंपनियों की पहचान के लिए मौजूदा तरीके की जगह एक आसान तरीका अपनाया जाएगा। आरबीआई ने मंगलवार को कहा कि ऊपरी श्रेणी में आने वाली एनबीएफसी के लिए ज्यादा सख्त नियामकीय नियम लागू होंगे। Credit Card













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