BNP NEWS DESK। Commonwealth Games राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पैरा एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। बुधवार देर रात भारत ने पैरा एथलेटिक्स में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब दिलीप महादू गावित और मोहम्मद बासिल ने पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते। दोनों भारतीय धावकों ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए इतिहास रच दिया।
गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकार्ड और सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज कर रजत पदक जीता। इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकेंड के साथ कांस्य पदक विजेता रहे। टी-47 वर्ग उन पैरा खिलाड़ियों के लिए होता है, जिनके एक हाथ में कमी या दिव्यांगता होती है, जिससे ताकत, संतुलन या समन्वय प्रभावित होता है।
भारत के लिए यह राष्ट्रमंडल खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक रहा। इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और पैरा शाटपुट एफ-57 में शर्मिला धनखड़ देश को स्वर्ण पदक दिला चुकी हैं। भारतीय दल अब तक 15 पदक जीत चुका है, जिनमें नौ रजत व तीन कांस्य भी शामिल हैं।
लवप्रीत ने जीती चांदी, भारोत्तोलन में मिला आठवां पदक
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने गुरुवार रात रजत पदक जीतकर भारत के पदकों की संख्या को 16 पहुंचाया। 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता लवप्रीत ने पुरुषों की 110+ किग्रा स्पर्धा में कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में यह भारत का आठवां पदक है। उनसे पहले मीराबाई चानू ने स्वर्ण, ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव, राजा मुथुपांडी, अजय बाबू और हरजिंदर कौर ने रजत पदक जीता, जबकि बिंदियारानी ने कांस्य पदक जीता था।
लवप्रीत ने स्नैच में 176 किग्रा वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकार्ड बनाया और क्लीन एंड जर्क में 212 किग्रा वजन उठाकर कुल 388 किलोग्राम वजन के साथ एक समय स्वर्ण के प्रबल दावेदार थे, लेकिन न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने क्लीन एंड जर्क में अपने दूसरे प्रयास में 223 किलोग्राम वजन उठाकर उनके स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदों को तोड़ दिया। डेविड ने स्नैच में 166 किग्रा वजन उठाया था। स्पर्धा का कांस्य पदक इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ के नाम रहा, जिन्होंने कुल 356 किग्रा (165+191) भार उठाया। इसके साथ ही भारत का भारोत्तोलन में अभियान समाप्त हो गया। Commonwealth Games












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