बदल जाएंगे यात्रा टिकट के पीएनआर कोड

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PNR Code

BNP NEWS DESK। PNR Code यदि आपने आरक्षित रेल टिकट बुक कराया है और मोबाइल नंबर की तरह पीएनआर की शुरुआत 700 जैसे अंकों से दिख रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई साइबर फ्राड नहीं, बल्कि आपका असली पीएनआर नंबर ही है।

 

रेलवे लखनऊ समेत देश भर की ट्रेनों में पुरानी पीएनआर सीरीज को बदलकर माइग्रेटेड व्यवस्था लागू कर रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ से चलने वाली ट्रेन संख्या 14210 का पीएनआर बदलकर अब 500 सीरीज से शुरू कर दिया गया है।

दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक सभी ट्रेनों के पीएनआर एक, तीन, पांच या सात अंकों से होंगे शुरू

 

वर्ष 1986 में कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली लागू होने के बाद से 10 अंकों वाला पीएनआर इस्तेमाल किया जा रहा है। सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) के चार डाटाबेस सेंटर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से टिकट जारी होते रहे हैं।

अब तक शुरुआती तीन अंकों से जोन और क्षेत्र की पहचान होती थी। इसके तहत दिल्ली केंद्र से जुड़ी ट्रेनों के पीएनआर दो, मुंबई के आठ, कोलकाता के छह और चेन्नई केंद्र की ट्रेनों के पीएनआर चार अंक से शुरू होते थे।

अपग्रेटेड सिस्टम के चलते पड़ी जरूरत

रेलवे ने अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को ‘नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम’ में अपग्रेड किया है। इससे रिजर्वेशन काउंटर की गति तेज हुई है—जैसे नाम में संशोधन, सीटों की उपलब्धता, किराया और बर्थ की पोजीशन अब एक क्लिक पर मिल जाती है। हालांकि, पुरानी पीएनआर सीरीज इस नए सिस्टम में तकनीकी बाधा बन रही थी।
इसी वजह से रेलवे ने माइग्रेशन का निर्णय लिया है। पायलट प्रोजेक्ट के लिए देश की 1,230 ट्रेनों को चुना गया है।

दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक सभी ट्रेनों के पीएनआर एक, तीन, पांच या सात अंकों से शुरू होने लगेंगे। इस बदलाव के तहत लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस के पीएनआर 17 नवंबर से, जबकि पुष्पक एक्सप्रेस के पीएनआर दो दिसंबर से बदल जाएंगे।
यदि आपने पुराने सिस्टम के तहत टिकट बुक कराया है और नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रा की तिथि में बदलाव करना चाहते हैं, तो आपको पुरानी टिकट रद कराकर नए सिरे से रिजर्वेशन कराना होगा। PNR Code

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Author: BNPNEWS

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