BNP NEWS DESK। saavan 2026 देवाधिदेव महादेव के अत्यंत प्रिय सावन मास में इस बार कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इस पावन महीने में चार सोमवार, चार मंगलवार और पांच-पांच गुरुवार व शुक्रवार पड़ रहे हैं। सावन मास के दूसरे सोमवार को प्रदोष का योग तथा तृतीय सोमवार में नागपंचमी का योग विशेष फलदायी माना गया है।
सनातन धर्म में सावन सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित हैं और सोमवार चंद्रमा का दिन माना जाता है।
saavan 2026 स्कंद पुराण में उल्लेख है कि सावन के समान कोई श्रेष्ठ महीना नहीं है और सोमवार से उत्तम कोई व्रत नहीं होता। इस वर्ष सावन मास में तीन, 10, 17 व 24 अगस्त को सोमवार पड़ेंगे। सोमवार को व्रत रखकर जल, दूध, गन्ने का रस और इत्र से शिवजी का अभिषेक करने से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है।
सोम प्रदोष का महासंयोग
सावन का दूसरा सोमवार बेहद खास है। इस दिन त्रयोदशी तिथि का समागम होकर सोम प्रदोष व्रत बन रहा है। हेमाद्रि ग्रंथ के अनुसार, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी जब सोमवार से जुड़ती है तो यह अत्यंत फलदायी होती है।
तीसरे सोमवार को नागपंचमी
सावन के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को मध्याह्न व्यापिनी पंचमी तिथि के साथ नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा। सोमवार को नागपंचमी का पूजन कई गुना फलदायी होगा। इस दिन अष्टकुल देव नागों (अनंत, वासुकि, तक्षक आदि) का पूजन व दूध-अन्न का अर्पण करने से विषैले जीवों के भय से रक्षा होती है। saavan 2026
15 अगस्त को हरियाली तीज
सावन शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज पर सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।
11 अगस्त को मास शिवरात्रि
सावन मास की शिवरात्रि 11 अगस्त को पड़ रही है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रात्रि काल में पंचामृत, गंगाजल व अक्षत से पूजन करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
25 अगस्त को भौम प्रदोष
सावन के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत मंगलवार को होने से यह भौम प्रदोष कहलाएगा, जो कर्ज और ऋण मुक्ति के लिए अचूक माना गया है। saavan 2026














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