BNP NEWS DESK। IIA Workshop इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) वाराणसी की ओर से मंगलवार को कैंट स्थित होटल रेडिसन में एमएसएमई की समृद्धि हेतु वित्त पोषण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए पूंजी जुटाने, एसएमई लिस्टिंग, आईपीओ तथा सिडबी की विभिन्न वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
IIA Workshop कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. चौधरी ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वित्तीय संसाधनों की कमी, तकनीकी उन्नयन और बाजार विस्तार जैसी चुनौतियां उनके विकास में बाधक बन रही हैं। उन्होंने कहा कि वित्तपोषण केवल ऋण प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि उद्योगों के विकास, विस्तार और परिवर्तन का सशक्त साधन है।
आईपीओ से मिल सकती है नई उड़ान
आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बजाज ने कहा कि वर्तमान समय में एमएसएमई के लिए आईपीओ एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है। इसके माध्यम से उद्यम पूंजी बाजार से जुड़कर न केवल आवश्यक धन जुटा सकते हैं, बल्कि अपनी विश्वसनीयता और ब्रांड वैल्यू भी बढ़ा सकते हैं।
आईआईए की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य राजेश भाटिया ने कहा कि नवाचार, तकनीकी उन्नयन और वित्तीय अनुशासन अपनाने वाले उद्योग ही दीर्घकालीन सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
एसएमई लिस्टिंग से बढ़ेगी बाजार में पहचान
IIA Workshop मुंबई से आए बीएसई एसएमई एवं स्टार्टअप्स के पूर्व अतिरिक्त महाप्रबंधक आनंद चारी ने एसएमई लिस्टिंग के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि कंपनियां किस प्रकार स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होकर विकास के लिए पूंजी जुटा सकती हैं। उन्होंने कहा कि लिस्टिंग से कंपनियों की विश्वसनीयता बढ़ती है और विस्तार के नए अवसर खुलते हैं।
वहीं कोलकाता से आए कैपिटल मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट एवं सेबी पंजीकृत मर्चेंट बैंकर एस. रामकृष्णन अय्यंकर ने एसएमई लिस्टिंग से जुड़ी नियामकीय प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही तैयारी और नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर उद्योग आसानी से पूंजी बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। IIA Workshop
सिडबी दे रहा करोड़ों रुपये तक की वित्तीय सहायता
सिडबी के उप महाप्रबंधक रितेश कुमार सिंह ने बताया कि एमएसएमई इकाइयों को व्यवसाय विस्तार, आधुनिकीकरण और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशील पूंजी के लिए 5 करोड़ रुपये तक का ऋण तथा स्पीड योजना के तहत नई मशीनरी और प्लांट स्थापना के लिए 15 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध है। IIA Workshop
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अनुपम देवा ने कहा कि एमएसएमई केवल व्यवसाय का माध्यम नहीं बल्कि रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण इकाई हैं। मजबूत एमएसएमई ही मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार बन सकते हैं।
संचालन आईआईए मेंबरशिप ग्रोथ कमेटी के चेयरमैन नीरज पारीख ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आईआईए वाराणसी के चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने दिया।
कार्यशाला में डिवीजनल चेयरमैन प्रशांत अग्रवाल, डिवीजनल सचिव मनीष कटारिया, चैप्टर सचिव गौरव गुप्ता, कोषाध्यक्ष अजय जायसवाल, राहुल मेहता, उमंग गुप्ता, बृजेश केसरी, अवधेश गुप्ता, बिपिन अग्रवाल, ओपी बदलानी, यू.आर. सिंह, डी.एस. मिश्रा, जगदीश झुनझुनवाला सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। IIA Workshop













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