BNP NEWS DESK। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस में अभूतपूर्व फूट की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे की एक और अहम पार्टी शिवसेना (यूबीटी) भी संकट का सामना कर रही है।
Uddhav’s Shiv Sena पार्टी के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह से सात एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने का मन बना चुके हैं। यही नहीं वे दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के भी मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचने की बात कही जा रही है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने इन सभी अटकलों को खारिज किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत का दावा है कि उनके सभी सांसद एकजुट हैं।
शिंदे के मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। शिंदे खेमे के एक नेता ने कहा कि छह से सात सांसदों के पाला बदलने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे की भूमिका में संभावित बढ़ोतरी से जुड़ा है।
वह अभी पार्टी की युवा शाखा के प्रमुख हैं। नेता ने दावा किया कि पाला बदलने की संभावना वाले सांसदों को शिवसेना (यूबीटी) के भीतर आदित्य का कद और बढ़ाने की बात मंज़ूर नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) 19 जून को आदित्य को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। Uddhav’s Shiv Sena
अविभाजित शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस
इसी दिन अविभाजित शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस भी है। शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद 2022 में पार्टी में फूट पड़ गई थी, जिस कारण महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। रविवार को उद्धव ठाकरे की बुलाई गई बैठक में पार्टी के नौ में से केवल चार सांसद शामिल हुए थे। इससे सांसदों के पार्टी छोड़ने की आशंका बढ़ गई थी। राउत ने दावा किया था कि बाकी पांच सांसद वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए थे।
मंगलवार को राउत ने कहा कि इस मामले में गलत तस्वीर पेश की जा रही है। कहा कि सभी सांसद मजबूती से पार्टी और उद्धव ठाकरे के साथ हैं। Uddhav’s Shiv Sena
जहां सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, वहीं ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख आनलाइन जुड़े। राउत ने बताया था कि एक और सांसद संजय जाधव ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की थी।
शिवसेना (यूबीटी) को किसी भी तरह के खतरे से इन्कार करते हुए राउत ने किसी भी संकट से निपटने की पार्टी की क्षमता पर भी भरोसा जताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लोकसभा स्पीकर से मिलने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं, क्योंकि ऐसी अटकलें हैं कि कुछ शिवसेना (यूबीटी) सांसद तृणमूल के बागी सांसदों की तरह अलग समूह बना सकते हैं तो राउत ने ऐसी किसी भी संभावना से इन्कार किया।
राउत का दावा, महाराष्ट्र में सांसदों को खरीदने के लिए दिया जा रहा 15 करोड़ का एडवांस
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सदस्य पाला बदल सकते हैं।
संजय राउत के ताजा बयान से भी इसे लेकर चल रही अटकलों को बल मिला है। राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जा रहा है।
देर रात एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “अपना सपना मनी-मनी। ऐसी जानकारी है कि आज रात महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये का एडवांस दिया जाएगा। यह चौंकाने वाला और शर्मनाक है!” सांसदों के बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता और राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सरनाइक ने एक तरह से उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया।
उन्होंने कहा कि यदि सांसद और विधायक जैसे जन-प्रतिनिधियों को अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, यदि वे शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों में विश्वास रखते हैं और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा करने को तैयार हैं तो शिवसेना के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। मंत्री ने इशारों-इशारों में कहा कि यदि वे भविष्य में कभी ऐसा सोचते हैं, तो हम उन्हें प्राथमिकता देंगे। Uddhav’s Shiv Sena












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