BNP NEWS DESK। Rath Yatra Fair काशी में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की ऐतिहासिक रथयात्रा तथा उससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी, असि, काशी ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा जारी की है।
वर्ष में केवल एक बार आने वाले इस पावन अवसर पर भक्त भगवान के विशेष सान्निध्य का लाभ उठा सकेंगे। महोत्सव का शुभारंभ 29 जून को स्नान पूर्णिमा के दिन होगा।
Rath Yatra Fair इस दिन सूर्योदय के साथ ही असि स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दिव्य महास्नान (जलाभिषेक) का अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। प्रभु जगन्नाथ के जलाभिषेक में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।
महास्नान के तुरंत बाद प्रभु ‘अनवसर काल’ (विश्राम अवधि) में चले जाएंगे। 30 जून से 14 जुलाई तक चलने वाले इस अनवसर काल के दौरान मंदिर में भक्तों के लिए प्रतिदिन पवित्र काढ़ा वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। Rath Yatra Fair
इसके बाद 14 जुलाई को भगवान अनवसर काल से बाहर आएंगे और भक्तों को ‘नवयौवन दर्शन’ देंगे, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
16 से 18 जुलाई तक काशी का विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा मेला आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव का समापन 19 जुलाई की भोर में ‘बहुड़ा यात्रा’ (पुनः आगमन) के साथ होगा, जिसके तहत भगवान वापस असि स्थित अपने मुख्य मंदिर में पधारेंगे। इसके अगले दिन, 20 जुलाई की प्रातःकाल से प्रभु के नियमित और सामान्य दर्शन पुनः शुरू हो जाएंगे। ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी ने सभी काशीवासियों और भक्तों से इस भक्तिमय महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
15 जुलाई को निकलेगी डोली यात्रा
अनुष्ठान के अगले चरण में 15 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य ‘डोली यात्रा’ निकाली जाएगी।
यह दिव्य यात्रा असि स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर खोजवां होते हुए रथयात्रा क्षेत्र तक पहुंचेगी। इसके अगले दिन यानी 16 जुलाई से 18 जुलाई तक काशी का विश्वप्रसिद्ध भव्य ‘रथयात्रा मेला’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रभु के रथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। Rath Yatra Fair















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