BNP NEWS DESK। Chandraprabha of Chandauli चंदौली के वनांचल की गोद में बसे चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता अब लोक संस्कृति के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान बनाने जा रही है। राजदरी जलप्रपात परिसर में शनिवार से शुरू हुई चार दिवसीय कजरी कार्यशाला में पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी प्रशिक्षुओं को लोकगायन की बारीकियां सिखा रही हैं। कार्यशाला 28 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान चंद्रप्रभा की वादियों में फिल्माई गई उनकी चर्चित कजरी रिमझिम बरसै बदरिया.., को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा।
Chandraprabha of Chandauli मालिनी अवस्थी ने बताया कि चंद्रप्रभा की प्राकृतिक छटा, हरियाली और शांत वातावरण कजरी की संवेदना, विरह और प्रेम को जीवंत रूप देने के लिए सबसे उपयुक्त हैं। कहा कि यहां फिल्माया गया यह गीत पूर्वांचल की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का विनम्र प्रयास है। उनका विश्वास है कि यह प्रस्तुति राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों, डिजिटल माध्यमों और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रमों में नई पहचान बनाएगी।
कहा कि लोकगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक स्मृतियों और परंपराओं के संवाहक हैं। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी लोक कला से जुड़ेगी और इसकी समृद्ध परंपरा आगे बढ़ेगी। सांस्कृतिक जानकारों का मानना है कि चंद्रप्रभा की मनमोहक पृष्ठभूमि में तैयार यह प्रस्तुति चंदौली को राष्ट्रीय पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। Chandraprabha of Chandauli















Discussion about this post