केदारनाथ आपदा जैसे बने हालात, हो सकती तेज बारिश

SHARE:

Kedarnath Disaster

BNP NEWS DESK। Kedarnath Disaster  इन दिनों उत्तर व मध्य भारत समेत देश के कुछ अन्य हिस्सों में लगातार हो रही वर्षा की वजह लौटते मानसून के कारण निम्न वायुदाब और पश्चिमी विक्षोभ है। मध्य भारत में निम्न वायुदाब बना हुआ है और मानसून की बची हुई नमी भी अधिक वर्षा का कारण है। ऐसी स्थिति वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा जैसी ही बन रही है। अक्टूबर में अल नीनो पर भी मौसम विज्ञानियों की नजर है।

 

पश्चिमी विक्षोभ और लौटते मानसून के संक्रमण से बदला है मौसम का मिजाज

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वायुमंडलीय विज्ञानी डा. नरेंद्र सिंह के अनुसार, इन दिनों हो रही वर्षा को जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। आसमान में एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है तो दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी व मध्य भारत से आ रही नम हवाओं के चलते तेज वर्षा हो रही है। यह कुछ-कुछ वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के समान है। तब एक तरफ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था तो दूसरी तरफ मानसून पहुंच गया था।

अक्टूबर से अल नीनो होगा सुपर अल नीनो में तब्दील

इन दोनों के टकराने से तीन दिन लगातार भारी वर्षा हुई थी। फिलहाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में निम्न वायुदाब बनने से मौसम में बदलाव आया है। इस बीच ऊपरी वायुमंडल में ठंडी हवा और निचले स्तर की नम हवा के बीच अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे तेज हवाएं चल रही हैं और गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है।

यह मानसून की वापसी के संक्रमण काल की अवस्था है, जो सितंबर-अक्टूबर में कभी-कभी पैदा होती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर-पश्चिम भारत से वापस लौट रहा है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
डा. नरेंद्र सिंह के अनुसार, अल नीनो अक्टूबर से असर दिखाना शुरू करेगा, जो सुपर अल नीनो में तब्दील होने जा रहा है।

जिस कारण इस बार शीत ऋतु में मौसम में कुछ अलग तरह के परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। वैश्विक मौसम को प्रभावित करने वाले अल नीनो का इन दिनों प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से लगभग 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। पूर्वानुमान है कि यह अक्टूबर में तीन डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा, जो मौसम की विसंगतियों को बढ़ावा देगा।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather