काशी में द‍िखेगी सम्राट विक्रमादित्य का वैभव

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Emperor Vikramaditya

BNP NEWS DESK। Emperor Vikramaditya श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में शुक्रवार को महाकाल की आठ फीट ऊंचे शिवलिंग पर भस्म आरती का अलौकिक दृश्य काशीवासियों को देखने को मिलेगा। अवसर होगा भारतवर्ष के महान सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का बरेका मैदान में भव्य मंचन का।

Emperor Vikramaditya सम्राट विक्रमादित्य के पिता महेंद्रादित्य देश की समृद्धि के लिए महाकाल मंदिर की प्रतिकृति में भस्म आरती करेंगे। इसके बाद ही मंच पर विक्रमादित्य पर मंच पर पदार्पण होगा। लगभग 80 फीट चौड़े मुख्य मंच के साथ दोनों तरफ 42-42 फीट चौड़ी दो मंच पर एक साथ विक्रमादित्य के बचपन से लेकर सम्राट तक के जीवन पर आधारित नाटक देखने को मिलेगा।
देश की सांस्कृतिक राजधानी और धर्म नगरी वाराणसी में विक्रमादित्य के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। नाटक में काम करने वाले करीब 250 कलाकारों और तकनीशियन के साथ रिहर्सल किया। लाइट और साउंड के साथ दृश्यांकन किया गया।

आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव एक साथ शाम को सात बजे करेंगे। महानाट्य का मंचन, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत 3 से 5 अप्रैल तक बरेका मैदान में किया जा रहा है। वहीं पांच अप्रैल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल के समापन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

उज्जैन के प्रतापी राजा सम्राट विक्रमादित्य प्राचीन भारतीय परंपरा के महानायक हैं। उन्होंने शकों का संहार कर ‘शकारि’ की उपाधि धारण की और विक्रम संवत् की स्थापना की। लोककथाओं, विक्रम-बेताल और अनेक ग्रंथों में उनका चरित्र न्यायप्रियता, वीरता, प्रजा-हितैषिता और ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण का प्रतीक है। यह महानाट्य उसी चरित्र को आधुनिक मंच पर जीवंत करता है।

मनोरंजन के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण

मध्य प्रदेश सरकार इस नाटक को साहित्यिक, सांस्कृतिक महत्त्व के साथ ऐतिहासिक स्मृति को पुनर्जीवित करता है। ऐसे युग का चित्रण, जब भारत ‘अखंड’ था, सुशासन का आदर्श स्थापित था। ज्ञान-विज्ञान की परंपरा चरमोत्कर्ष पर थी।
धर्मनगरी काशी में मध्य प्रदेश के कलाकारों द्वारा इस गाथा का मंचन उत्तर और मध्य भारत की सांस्कृतिक सेतु का प्रतीक है। ‘महानाट्य’ न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि नैतिक-आध्यात्मिक जागरण संग युवा पीढ़ी में स्वाभिमान, विरासत-बोध और राष्ट्र-गौरव का बीज बोता है। Emperor Vikramaditya

जाणता राजा से अधिक भव्यता

काशी के लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और वीरता पर आधारित एक अत्यंत लोकप्रिय और भव्य महानाट्य ‘जाणता राजा’ पहले ही देख चुके हैं। सम्राट विक्रमादित्य के निर्माता विशाला संस्था के अध्यक्ष राजेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि जाणता राजा के बाद शुरू हुए सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने समय के साथ काफी विस्तार और भव्यता हासिल कर ली है। विक्रमादित्य के रूप में विक्रम सिंह चौहान व राहत पटेल और राजकुमारी आरोही अरावले का जीवंत अभिनय देखने को मिलेगा। 200 कलाकार तीन मंचों पर प्रदर्शन करेंगे।
मंच के सामने 18 घोड़े, दो रथ, चार ऊंट, एक पालकी और एक हाथी के साथ विक्रमादित्य का वैभव, लड़ाई आदि के दृश्य जीवंत होगा। वास्तविक प्रयोग के साथ अत्याधुनिक ग्राफिक्स और संगीत-नृत्य का समन्वय दर्शकों को प्राचीन कालखंड में ले जाएगा। इतना ही नहीं इस सभी कलाकारों को करीब 50 तकनीशियन एक साथ निर्देशन करेंगे। Emperor Vikramaditya

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Author: BNPNEWS

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