BNP NEWS DESK। T20 World Cup दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मैदान नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया है। दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध टी-20 विश्व कप सुपर-8 मुकाबले में 76 रन से पराजय झेलने के बाद टीम प्रबंधन अब बदलाव के मूड में नजर आ रहा है।
गुरुवार को जिंबाब्वे के विरुद्ध होने वाले मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल देखने को मिल सकता है। खराब फार्म से जूझ रहे तीन बल्लेबाजों में से कम से कम एक को बाहर किया जा सकता है। इसके साथ ही शीर्षक्रम में कई खब्बू बल्लेबाजों को उतारने की अपनी रणनीति की भी समीक्षा करेगा।
T20 World Cup इस बारे में मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी रयान टेन डोएशे और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने संकेत दिए हैं। भारत को अब टूर्नामेंट में बने रहने के लिए अपने अगले दोनों मुकाबले जीतना जरूरी है।
ऐसे में टीम प्रबंधन अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह के प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इन तीनों बल्लेबाजों से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे अब तक उन पर खरे नहीं उतर सके हैं।
अभिषेक-तिलक का प्रदर्शन निराशाजनक
टी-20 विश्व कप में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध महज 15 रन बनाए हैं, जबकि अमेरिका, पाकिस्तान व नीदरलैंड्स के विरुद्ध खाता भी नहीं खोल सके। आक्रामक शुरुआत के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक अब तक लय में नजर नहीं आए हैं।
वहीं, तिलक वर्मा ने पांच मैचों में 107 रन जरूर बनाए हैं, लेकिन उनका औसत 21.40 रहा है, जो टीम की जरूरतों के लिहाज से काफी नहीं माना जा रहा।
फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं और उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ 24 रन बनाए हैं।
अक्षर को बाहर रखने के फैसले की आलोचना
दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल को टीम से बाहर रखने के फैसले की काफी आलोचना हो रही है। अक्षर ने अमेरिका, नामीबिया और पाकिस्तान के विरुद्ध लगातार अच्छे प्रदर्शन किए थे। इसके बावजूद उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी गई।
इस पर सफाई देते हुए रयान टेन डोएशे और सितांशु कोटक ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह रणनीतिक था। डोएशे ने कहा कि हमने पिछले कुछ दिन में अंतिम एकादश पर काफी मंथन किया।
हम मैच अप पर विचार कर रहे थे। वैसे अक्षर को उतारने का फैसला सही लग रहा था लेकिन हमें आठवें बल्लेबाज के रूप में अक्षर की जरूरत थी। यह फैसला उसी आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा कि अक्षर की नेतृत्व क्षमता और अहमियत हम सभी जानते हैं। इस फैसले का मतलब उसे कमतर आंकना बिल्कुल नहीं है।
कुछ अलग करना होगा: कोटक
बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि अगर मुख्य कोच और टीम प्रबंधन को लगता है कि हमें कुछ अलग करना होगा तो हम करेंगे। अब इस पर विचार हो रहा है कि अगर हमें बदलाव करना है तो वह क्या होगा और कैसे होगा।
उन्होंने कहा कि अब हम ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि हमें यह सोचना होगा कि कुछ अलग करना है या उसी संयोजन से काम करना है। वहीं, सहायक कोच डोएशे ने स्वीकार किया कि टीम में बैकअप में विशेषज्ञ बल्लेबाजों का अभाव चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि या तो आप उन्हीं खिलाड़ियों को चुनते हैं जो आपको लगता है कि पिछले डेढ साल में अच्छा खेल रहे हैं, भले ही अभी रन नहीं बना पा रहे हैं या फिर बदलाव करके संजू सैमसन को लाते हैं जो शानदार खिलाड़ी है और शीर्षक्रम में दाहिने हाथ का बल्लेबाज होने से भी मदद मिलेगी।
अगले दो अहम मैचों से पहले सैमसन को शामिल करने के बारे में अगले कुछ दिन में बात की जाएगी। केकेआर के पूर्व हरफनमौला ने कहा कि अभिषेक और तिलक का फार्म टीम के लिए चिंता का विषय है। T20 World Cup
















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