BNP NEWS DESK। Secret Murder पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा के बाद फरार चल रहे सेना के बर्खास्त कैप्टन को पंजाब पुलिस ने करीब चार साल बाद गिरफ्तार कर लिया। वह पहचान बदलकर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक जूस फैक्ट्री में इंचार्ज के रूप में काम कर रहा था।
उसकी गिरफ्तारी तब हुई जब उसने अपने मूल पैन कार्ड का उपयोग करके एक नया बैंक खाता खोला और उसी खाते से एलपीजी सिलेंडर बुक किया। पुलिस ने उसके पैन कार्ड का पता लगाया और उसके बैंक खाते की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पुलिस टीम उसे काबू कर अबोहर ले आई। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
वर्ष 2013 में अबोहर छावनी में कैप्टन के पद पर तैनात था
Secret Murder पुलिस के अनुसार, संदीप तोमर मूल रूप से कानपुर के बर्रा क्षेत्र का रहने वाला है और वर्ष 2013 में अबोहर छावनी में कैप्टन के पद पर तैनात था। फरवरी 2013 में उसकी शादी लखनऊ निवासी श्वेता सिंह से हुई थी। शादी के करीब पांच महीने बाद जुलाई 2013 में अबोहर कैंट स्थित सरकारी आवास में श्वेता का शव मिला।
दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
उस समय संदीप ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन मृतका के पिता राम नरेश के बयान पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पता चला कि श्वेता ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि सेना ने भी उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।
23 सितंबर 2022 को अदालत ने संदीप तोमर को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के बाद वह जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए पहचान बदलकर मध्य प्रदेश में रहने लगा। Secret Murder
पुलिस को लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान तकनीकी इनपुट खंगाले गए तो उसके नाम से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग की जानकारी सामने आई।
इसी डिजिटल ट्रेल के जरिये पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंची और छिंदवाड़ा क्षेत्र की एक जूस फैक्ट्री में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी करीब चार साल से नाम बदलकर रह रहा था। Secret Murder















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