BNP NEWS DESK। Monkey Control शहरी क्षेत्र में मानव-बंदर संघर्ष पर अंकुश लगाने के लिए उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अंतरिम कार्ययोजना जारी की है। बंदरों को अब तय स्थानों पर ही खाना खिलाया जा सकेगा।
Monkey Control इधर-उधर खाना खिलाने पर रोक रहेगी। योजना के तहत तात्कालिक और दीर्घकालीन दोनों स्तरों पर उपाय तय किए गए हैं। इनका क्रियान्वयन स्थानीय निकायों और वन विभाग के समन्वय से किया जाएगा। बंदरों को पकड़ने के कार्य की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति में पुलिस, वन विभाग, नगरीय निकाय, पंचायतीराज, पशुपालन विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। एनजीओ के भी प्रतिनिधि इस समित में रखे जाएंगे।
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने कार्ययोजना को सभी जिलाधिकारियों को भेजकर तत्काल इसे लागू करवाने के लिए कहा है। कार्ययोजना में बताया गया है कि शहरीकरण, बढ़ती आबादी, खाद्य अपशिष्ट की उपलब्धता और लोगों द्वारा बंदरों को नियमित रूप से भोजन कराए जाने के कारण बंदरों का व्यवहार बदल रहा है। वे अधिक आक्रामक हो रहे हैं और मानव-बंदर संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
तात्कालिक कार्ययोजना के तहत नगर निगम, पालिका और पंचायतें एक माह में संघर्ष वाले क्षेत्रों की पहचान करेंगी। बंदरों की संख्या का आकलन भी किया जाएगा। हर नगरीय निकाय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। बंदरों से जुड़ी घटनाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा बंदरों को भोजन कराने के लिए स्थान चिह्नित किए जाएंगे। बंदरों को चिढ़ाने या उकसाने से बचने की अपील की जाएगी। खुले में कूड़ा डालने पर रोक रहेगी। शहरों व बाहरी क्षेत्रों में फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
दीर्घकालीन कार्ययोजना : संख्या पर नियंत्रण
-वैज्ञानिक तरीकों से बंदरों की आबादी नियंत्रित करने की योजना
-पशु चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण
-बेसलाइन डाटा किया जाएगा तैयार
-रेस्क्यू सेंटर बनाए जाएंगे लेकिन इनका उपयोग विशेष परिस्थितियों में सीमित होगा
-खूंखार बंदरों को पीड़ित जंतु घोषित कर उन्हें मारने की मिलेगी छूट
बंदरों को पकड़ने और छोड़ने के नियम
-पकड़े गए बंदरों को उसी जिले के वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा
-संरक्षित क्षेत्रों में छोड़ने पर रोक
-घायल बंदरों का इलाज कर उन्हें पुनः छोड़ा जाएगा Monkey Control















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