BNP NEWS DESK। Bengal Elections बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस प्रचार का नया और अनोखा तरीका अपनाने जा रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ‘खेला होबे’ (खेल होगा) नारे के बाद टीएमसी इस बार के चुनावी मैदान में ‘लूडो’ को हथियार बना रही है।
Bengal Electionsटीएमसी द्वारा तैयार किए जा रहे विशेष लूडो बोर्ड में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीढ़ी के रूप में दिखाया गया है, जिनसे खिलाड़ी तेजी से जीत की ओर बढ़ सकता है। वहीं, सांप के रूप में केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं को दर्शाया गया है। इस प्रतीक के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि केंद्र की नीतियों से राज्य व देश को नुकसान हो रहा है।
लूडो बोर्ड में ममता सरकार की लोकप्रिय जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे लक्ष्मी भंडार (महिला कल्याणकारी योजना), बांग्लार बाड़ी (आवास योजना) आदि का जिक्र जहां सीढ़ी के जरिए उन तक पहुंचा जा सकता है। लूडो में संबंधित योजना की संक्षिप्त जानकारी भी दी गई है।
लूडो में दो मुंहें सांपों के चित्र है जिसके दोनों मुख पर भाजपा नेताओं की तस्वीर अंकित है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष आदि की तस्वीरें शामिल हैं। इसी के साथ बंगाल से भेदभाव को भी दर्शाया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में किया जाएगा वितरित
सूत्रों का कहना है कि यह अनोखा लूडो बोर्ड अगले कुछ दिनों में आधिकारिक रूप से लांच किया जाएगा। लूडो बोर्ड को ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में वितरित किया जाएगा। पार्टी का लक्ष्य खासकर महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं तक पहुंच बनाना है, जो अक्सर खाली समय में लूडो जैसे खेल खेलते हैं। इस नई रणनीति के जरिए टीएमसी चुनावी प्रचार में रचनात्मकता और जनसंपर्क का अनोखा मिश्रण पेश करने की कोशिश कर रही है।
2021 में ‘खेला होबे’ नारे के साथ मैदान में उतरी थी टीएमसी
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ‘खेला होबे’ नारे के साथ मैदान में उतरी थी, जिसमें फुटबाल को प्रतीकात्मक बनाया गया था। यह नारा काफी प्रचलित हुआ था और हर व्यक्ति की जुबान पर चढ़ गया था।
‘खेला होबे’ नारे के साथ ममता बनर्जी ने जोरदार प्रचार किया था। उस समय जनसभाओं में मंच से फुटबाल उछालते हुए उनका दृश्य काफी चर्चित हुआ था। अब उसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए लूडो को जोड़ा गया है, ताकि लोगों से जुड़ाव और मजबूत किया जा सके। Bengal Elections
















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