BNP NEWS DESK। Strait of Hormuz प्रमुख यूरोपीय देशों और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की और कहा कि वे ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए कदम उठाएंगे। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने ईरान के हमलों की निंदा करते हुए उससे तत्काल कार्रवाई रोकने का आग्रह किया।
Strait of Hormuz ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर के कार्यालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों के नेताओं ने कहा कि हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह अपनी धमकियों से बाज आए। वह बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करना तत्काल बंद करे। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में इस तरह का हस्तक्षेप और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में व्यवधान वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। नौपरिवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है।ईरान की कार्रवाई का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, विशेषकर सबसे कमजोर वर्गों पर।
तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी युद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा
रायटर के अनुसार, लगभग तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी युद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है और वैश्विक तेल संकट का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जापान और इन यूरोपीय देशों ने ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए अन्य कदम उठाने का भी आश्वासन दिया, जिसमें कुछ देशों के साथ मिलकर ईंधन का उत्पादन बढ़ाना शामिल है।
बयान में वैसे तो कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है कि ये देश होर्मुज से यातायात बहाल करने के लिए किस तरह का कदम उठाएंगे, लेकिन यह अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों के रुख में एक बड़ा बदलाव है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों और नाटो से जलडमरूमध्य को खोलने में मदद करने और संघर्ष में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। लेकिन, यूरोपीय देशों ने इससे मना कर दिया था। ईरान युद्ध के 20वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही जलडमरूमध्य लगभग बंद पड़ा हुआ है। Strait of Hormuz
















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