BNP NEWS DESK। Mahashivratri 2026 महाशिवरात्रि पर्व पर काशीपुराधिपति भगवान श्रीकाशी विश्वनाथ रात्रि जागरण करेंगे और लगातार 45 घंटों तक जागते हुए बाबा भक्तों को दिन-रात दर्शन देंगे। महाशिवरात्रि पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में 15 फरवरी की भोर में 2:15 बजे से मंगला आरती प्रारंभ हो जाएगी और 3:15 बजे तक संपन्न होगी। 15 मिनट तक गर्भगृह में साफ-सफाई के पश्चात प्रातः 3:30 बजे मंदिर के पट बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के हित में खोल दिया जाएगा।
Mahashivratri 2026 धाम में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार अनेक नवाचार व अन्य सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। पूरे धाम को विद्युत झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है।
चारों प्रहर की आरती के मध्य भी मिलेगा बाबा का दर्शन
मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि महाशिवरात्रि को पूरे दिन और पूरी रात बाबा का झांकी दर्शन भक्तों को सुलभ रहेगा। यह चारों पहर की आरती के दौरान भी जारी रहेगा। महाशिवरात्रि के दिन मध्याह्न भोग आरती प्रातः 11:40 बजे से प्रारंभ होकर 12:20 बजे तक चलेगी।
प्रथम प्रहर आरती प्रथम प्रहर रात्रि 10 बजे से 12:30 बजे तक, द्वितीय प्रहर रात्रि 1:30 बजे से 02:30 बजे तक, तृतीय प्रहर की आरती प्रातः 3:30 बजे से 4:30 बजे तक तथा चतुर्थ प्रहर की आरती प्रातः 5:00 बजे से 06:15 बजे तक की जाएगी।
इन आरतियों के मध्य भी बाबा के दर्शन भक्तों को प्राप्त होते रहेंगे। उन्होंने बताया कि परंपरानुसार महाशिवरात्रि की रात्रि बाबा की शयन आरती नहीं होती है। बाबा का गर्भगृह भी बंद नहीं किया जाता। 15 फरवरी की भोर से लेकर 16 फरवरी की रात्रि में शयन आरती तक लगातार बाबा श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। Mahashivratri 2026
















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