BNP NEWS DESK । Pilgrimage Center of Kashi जंगमबाड़ी मठ स्थित कश्यपेश्वर महादेव मंदिर से तीर्थायन क्रम के चौथे सोपान की यात्रा आज प्रातः 6.30 बजे शुरू हुई। आज की यात्रा के संरक्षक आई आई टी , बी एच यू के प्रोफेसर व एकेटीयू के पूर्व कुलपति प्रो प्रदीप कुमार मिश्र और प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ विजय नाथ मिश्र थे। सम्मानित अतिथि के रूप में नेपाल से भास्कर मिश्रा का आगमन हुआ था; जिन्होंने यात्रा से जुड़े प्रमुख लोगों का नेपाली टोपी के द्वारा सम्मान किया।
यात्रा की शुरुआत में सरक्षकगण ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि “विश्व की प्राचीनतम, धर्म की नगरी काशी में पुराणोक्त लगभग 1100 से भी ज्यादा मंदिरों का उल्लेख है। काशी के अंतस में धर्म, दर्शन, संस्कृति और जनजीवन के अनूठे रहस्य छिपे हुए हैं। इन रहस्यों का उद्घाटन उनके नजदीक पहुंच कर ही किया जा सकता है। तीर्थ स्थलों , देव मंदिरों तथा सनातन संस्कृति की अप्रतिम धरोहरों को जानने – समझने के संकल्प को तीर्थायन नाम से एक अभियान के रूप में शुरू किया गया है। कहने को यह धार्मिक यात्रा का एक क्रम है , लेकिन इसके अंदर अपनी सांस्कृतिक समझ को विकसित करते हुए संरक्षण व संवर्धन के असीम आयाम छुपे हुए हैं।
काशीस्थ तीर्थों के दर्शनक्रम से शुरू यह अभियान दिन प्रति गहन संवेग के साथ आगे बढ़ रहा है। तीर्थायन को काशी के प्रबुद्ध सचेत समाज का जनसमर्थन तथा सक्रिय सहभाग मिलना अत्यन्त उत्साहजनक है। ”
सुबह 6.30 बजे काशी के तीर्थों की परिक्रमा के अभियान तीर्थायन के चतुर्थ सोपान के अंतर्गत आज
यात्रा के तहत आने वाले 21 मंदिरों में भजन-कीर्तन के साथ लोगों ने विधिवत दर्शन-पूजन किया।
दर्शन के 21 प्रमुख मंदिर
कश्यपेश्वर महादेव, जंगमबाड़ी मठ,
अंगरीश्वर महादेव , ” ”
छिन्नमस्तिका देवी ( दश महाविद्या )
गरुणेश्वर महादेव , देवनाथपुरा
पातालेश्वर महादेव ( पातालेश्वर गली)
सिद्धेश्वर महादेव ”
नैरितेश्वर महादेव ”
हरिश्चंद्रेश्वर महादेव ”
अंगिरेश्वर महादेव ”
पुष्पदंतेश्वर महादेव ”
एकदंत विनायक ” (पातालेश्वर गली )
दधीचीश्वर महादेव ”
भूतेश्वर महादेव , (भूतेश्वर गली )
भारद्वाजेश्वर महादेव , ”
ब्रह्मेश्वर महादेव, ( खालिसपुरा )
सिंहतुंड विनायक ”
अगस्तेश्वर महादेव ( अगस्तकुंडा )
अगस्त्य कुंड ( लुप्त )
महर्षि अगस्त्य ऋषि ”
मां लोपमुद्रा देवी ”
श्री केदारेश्वर महादेव ( अगस्तकुंडा )
जारी किया गया तीर्थायन का अर्धवार्षिक कैलेंडर
तीर्थायन के संचालन समिति की तरफ से यात्रा संबंधी अर्धवार्षिक कैलेंडर तैयार करके जारी किया गया ताकि नियमित यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके। आगामी यात्रा तिथियों की घोषणा करते हुए-
4 जून2023, 18 जून ,2 जुलाई ,16 जुलाई ,30 जुलाई ,13 अगस्त ,27 अगस्त ,10 सितंबर ,24 सितंबर ,8 अक्टूबर ,22 अक्टूबर तथा 5 नवंबर 2023 ( सभी तिथियां रविवार की तथा पाक्षिक हैं ) का निर्धारण किया गया। यात्रा में जुड़ रहे लोगों को सम्यक सूचनाएं प्रेषित करने के उद्देश्य से तीर्थायन नामक एक व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया गया है, जिसमें जुड़ने के इच्छुक 9807606000 पर मैसेज करके जुड़ सकते हैं।
अंत में घाट वॉक के संस्थापक डॉ विजय नाथ मिश्र ने आये हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया।
आज के तीर्थायन में प्रमुख रूप से प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र, प्रो. विजयनाथ मिश्र, डॉ. अवधेश दीक्षित, शैलेश तिवारी, उमाशंकर गुप्ता, अमरेंद्र पांडेय, अजय शर्मा, पी के झा, जगन्नाथ ओझा, ऋषि झींगरण, बलराम यादव, रजनीकांत त्रिपाठी, अभिषेक यादव, संजय शुक्ल अनुज चतुर्वेदी, महेश उपाध्याय, चक्रपाणि ओझा, कपिंद्र तिवारी, चंद्रशेखर मिश्रा,रजनीकांत त्रिपाठी, मृत्युंजय मालवीय, डॉ. नीरज पांडेय, आंनद राय, वाचस्पति उपाध्याय, सरिता गुप्ता, चंदना रथ, पयस्विनी, अन्नपूर्णा पांडेय, विनय शुक्ल, सत्यम पांडेय सहित 150 से अधिक लोग शामिल रहे।








