BNP NEWS DESK। Akhilesh Azam समय न मिलने के कारण हम आजम से जेल में मिलने नहीं जा सके, लेकिन आज सारे गिले-शिकवे दूर हो गए हैं। बीजेपी ने इन पर झूठे मुकदमे कराए हैं। हमारी सरकार बनने पर मुकदमे वापस लिए जाएंगे’। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी महासचिव आजम खां के रामपुर स्थित आवास पर लगभग दो घंटे अकेले वार्ता करने के बाद यह बात मीडिया से कही। बुधवार दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे अखिलेश यादव का हेलीकाप्टर आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में उतरा। इसके बाद आजम खां अखिलेश को अपनी गाड़ी में बैठाकर एक बजे अपने आवास पहुंच थे। लगभग तीन बजे तक दोनों के बीच वार्ता चली।
Akhilesh Azam अखिलेश यादव का हेलीकाप्टर आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में उतरा। यहां आजम ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश को अपनी गाड़ी में बैठाकर आजम खां लगभग एक बजे अपने आवास पहुंच गए। इस दौरान अखिलेश ने सभी का अभिवादन भी किया। लगभग तीन बजे तक दोनों के बीच वार्ता चली। इस दौरान आजम के आवास के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक व पुलिस मौजूद रही।
आजम-अखिलेश की सियासी मुलाकात में जज्बाती बात और गिले-शिकवे दूर
बुधवार को आजम से मुलाकात के बाद अखिलेश ने अपने एक्स अकाउंट पर बयां किया -‘क्या कहें भला उस मुलाकात की दास्तान, जहां बस जज्बातों ने खामोशी से बात की…।’ यानी भावनाओं का इतना गहरा आदान-प्रदान कि किसी बात की जरूरत नहीं पड़ी। इससे पहले सपा के दो दिग्गजों के बीच करीब डेढ़ साल बाद हुई मुलाकात सख्त शर्तों के दायरे में हुई।
आजम ने पहले ही साफ किया था कि मुलाकात में सांसद मोहिबुल्लाह नदवी नहीं होंगे। फिर यह भी शर्त रख दी थी कि न उनकी बेगम तजीन फात्मा और न परिवार का कोई अन्य सदस्य रहेगा। यही हुआ भी। नदवी तो दिल्ली ही में ही थम गए और घर में मौजूद आजम की पत्नी तजीन फात्मा सहित उनके अन्य स्वजन कमरे के बाहर ही रहे। करीब दो घंटे चली मुलाकात के बाद दोनों मीडिया के सामने आए। यहां अखिलेश यादव ने आजम खां को पार्टी का दरख्त बताया।
साफ किया कि समय न मिलने के कारण हम आजम खां से जेल में मिलने नहीं जा सके। आज आए हैं, सारे गिले-शिकवे भी दूर हो गए हैं। आगे मिलते रहेंगे। हालांकि, समय जेल प्रशासन से मुलाकात का नहीं मिला या उनकी व्यस्तता रही? इसे स्पष्ट नहीं किया।
सपा की सरकार बनने का दावा
इस बीच आजम के बहाने उन्होंने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। बोले, वह शायद आजम खां व उनके परिवार पर झूठे मुकदमों का वर्ल्ड रिकार्ड बनाना चाहती है। उन्होंने 2027 में सपा की सरकार बनने का दावा दोहराया और सरकार बनने पर आजम खां पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का भी दावा किया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पहले बरेली से सड़क मार्ग से रामपुर आने का कार्यक्रम था। बरेली प्रशासन के आपत्ति के बाद वह लखनऊ से बरेली वायुयान से आए। इसके बाद हेलीकाप्टर से यहां दोपहर करीब एक बजे आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी आए।
यूनिवर्सिटी आने पर आजम ने खुद उनका स्वागत किया। वह अखिलेश को अपनी गाड़ी में बैठाकर आवास लाए। तय कार्यक्रमानुसार दोनों के बीच एक घंटे मुलाकात होनी थी, लेकिन दोनों करीब दो घंटे रहे। इसके बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बीच आकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि दोनों के बीच कोई खटास नहीं है। अखिलेश ने आजम खां की प्रशंसा की। कहा, ‘आजम खां बहुत पुराने नेता हैं, उनकी बात ही कुछ और है।
देश के भविष्य को शिक्षित करने का काम किया
यूनिवर्सिटी बनाकर इन्होंने देश के भविष्य को शिक्षित करने का काम किया है। ‘आजम, उनकी पत्नी, बेटे आजम और उनके रिश्तेदारों पर इतने मुकदमे लिखवाए गए, जितने आज तक किसी परिवार के खिलाफ नहीं लिखाए गए। आमतौर पर मीडिया के सामने आक्रामक रहने वाले आजम इस दौरान शांत खड़े रहे। उनके चेहरे की भांव-भंगिमा बदलती रही।
अखिलेश यादव इससे पहले 22 मार्च, 2024 को सीतापुर जेल में आजम खां से मिले थे। तब आजम ने उनसे खुद रामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा था।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने आजम समर्थकों के विरोध के बाद भी मोहिबुल्लाह नदवी को मैदान में उतारा। वह जीते भी। 23 सितंबर को जेल से छूटने के बाद सांसद नदवी भी आजम से नहीं मिले। बुधवार को नदवी ने भी रामपुर आने की बात कही थी, लेकिन मंगलवार देर शाम आजम ने यह कहकर अपनी बात स्पष्ट कर दी कि वह अकेले अखिलेश जी से ही मिलेंगे। लिहाजा सांसद ने दिल्ली से रामपुर आने का अपना कार्यक्रम भी रद कर दिया।
















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