BNP NEWS DESK। गर्मी के कारण बिजली की मांग में हो रही तेज वृद्धि के बीच उत्तर प्रदेश की कुल 2785 मेगावाट क्षमता वाली छह उत्पादन इकाइयों के बंद होने से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पैदा हो गया है। उत्पादन में आई इस कमी का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है, जिसे देखते हुए शासन और उच्च बिजली प्रबंधन ने बंद इकाइयों को शीघ्र चालू कराने के लिए संबंधित परियोजना प्रबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में उमस और तेज धूप के कारण लोगों की बिजली पर निर्भरता बढ़ गई है।
Electric Crices एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग के चलते बिजली की मांग लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है। इसी बीच पांच जून से दस जून के बीच प्रदेश की आधा दर्जन उत्पादन इकाइयों से बिजली उत्पादन ठप हो जाने से आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने लगी।
जारी आंकड़ों के अनुसार बंद होने वाली इकाइयों में आइपीपी क्षेत्र की खुर्जा थर्मल पावर स्टेशन की पहली इकाई, घाटमपुर तापीय परियोजना की इकाई संख्या तीन, अनपरा तापीय परियोजना की इकाई संख्या पांच, हरदुआगंज एक्सटेंशन की इकाई संख्या एक, हरदुआगंज तापीय परियोजना की इकाई संख्या सात तथा ओबरा तापीय परियोजना की इकाई संख्या दस शामिल हैं। Electric Crices
हालांकि राहत की बात यह रही कि हरदुआगंज की इकाई संख्या सात में तकनीकी समस्या दूर कर चंद मिनटों के भीतर दोबारा उत्पादन शुरू कर दिया गया, जिससे बिगड़ते हालात पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सका। वहीं उत्पादन में आई कमी की भरपाई के लिए बिजली निगम ने केंद्रीय क्षेत्र और निजी कंपनियों से अतिरिक्त बिजली खरीद बढ़ा दी है। इसके माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं बंद इकाइयों को जल्द चालू कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। दूसरी ओर बिजली मांग के आंकड़े भी लगातार बढ़ते दबाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं।बुधवार देर रात पीक आवर के दौरान प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 31,680 मेगावाट दर्ज की गई, जो सोमवार के मुकाबले 797 मेगावाट अधिक है। जानकारों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति इसी प्रकार बनी रही तो बिजली की मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उत्पादन एवं आपूर्ति व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। Electric Crices















Discussion about this post