BNP NEWS DESK। Ganga Expressway प्रधानमंत्री आज प्रदेश की जनता को गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात देंगे। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। मंगलवार को दैनिक जागरण की एक टीम ने कार से मेरठ से बदायूं तक 130 किमी और दूसरी टीम ने हरदोई के बिलग्राम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम स्थल मल्लावां तक करीब 25 किलोमीटर का सफर कर सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अनुभव किया। यात्रा के दौरान कार बिना बाधा और परेशानी के 120 किमी की गति से दौड़ी।
Ganga Expressway सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं ने भी खासा प्रभावित किया। संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इन्फ्रा के सीजेएम अनूप सिंह ने बताया कि सुरक्षा, सड़क और टोल समेत सभी व्यवस्थाएं तैयार हैं। लोकार्पण के बाद मध्यरात्रि से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वाहनों का दबाव बढ़ने पर इस एक्सप्रेसवे का आठ लेन तक विस्तार किया जा सकता है। जिसके लिए जमीन पहले से ही उपलब्ध है।
डेढ़ घंटे में पूरा हुआ मेरठ से बदायूं
मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग के 16वें किलोमीटर पर एक्सप्रेसवे का मेरठ से प्रवेश और निकास है। कनेक्टर के तीव्र मोड़ पर वाहनों की लाइट की चकाचौंध से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिवाइडर पर हरे रंग की एंटी ग्लेयर स्क्रीन के साथ बीच में रेडियम के ब्लिंकर लगाए गए हैं।
कार बुलंदशहर हाईवे पर बने ओवरब्रिज से गुजरती हुई जैसे ही एक्सप्रेसवे पर पहुंची तो वहां नजारा ही अलग था। छह लेन का हाईवे और उसपर 120 किमी प्रति घंटे तक गाड़ी को दौड़ाने की आजादी। दो किमी आगे पहुंचते ही हमें पहला टोल प्लाजा मिला। Ganga Expressway
अमूमन बूथ पर बैरियर के आदी हो चुके हम लोगों के लिए यहां एक नया अनुभव था। यहां कोई बैरियर नहीं लगाया गया है, बिना रुके हमारी कार सरपट आगे बढ़ती चली ग
इस पर वाहनों की एंट्री के लिए मल्टीलेन फ्री फ्लो तकनीक का प्रयोग किया गया है। कैमरे और स्कैनर तेज गति से दौड़ते वाहनों को भी स्कैन कर लेते हैं। जितनी दूरी तय करेंगे, सफर खत्म होने पर उतनी दूरी के हिसाब से फास्टैग से टोल शुल्क कट जाएगा।
टोल प्लाजा पर एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन स्टाफ के साथ दौड़ने के लिए तैयार खड़े थे। आपात स्थिति के लिए पूरे मार्ग पर टोल फ्री नंबर 14449 के बोर्ड लगाए गए हैं। सूचना आते ही ये वाहन मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराएंगे। Ganga Expressway
हर 20 किमी की दूरी पर क्रेन की भी व्यवस्था
पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे घूमते मिलेंगे। हर 20 किमी की दूरी पर क्रेन की भी व्यवस्था है। टोल प्लाजा से हम जैसे ही आगे बढ़े तो दोनों ओर की मनमोहक हरियाली सुखद एहसास करा रही थी। एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर लगे ऊंचे खंभों पर कोरियन पीटीजेड वाईफाई कैमरे लगे हुए हैं। सभी कैमरे सोलर एनर्जी से संचालित हैं।
मेरठ से बदायूं तक 130 किमी में 131 कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी के लिए मेरठ के खड़खड़ी और बदायूं टोल प्लाजा पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) से एक्सप्रेसवे के चप्पे चप्पे की निगरानी होगी। किसी भी दुर्घटना, ओवरस्पीड और वाहन के अचानक रुकने पर कोरियाई कैमरे तत्काल कंट्रोल रूम को संदेश दे देंगे।
इसी तरह पूरे एक्सप्रेसवे पर हर किमी में ऐसे ही कैमरे लगाए गए हैं। सभी कैमरों के पोल पर ही सोलर पैनल लगाए गए हैं। सभी अंडरपास, पुल और कट पर लगी ब्लिंकर लाइटें भी सोलर एनर्जी से ही संचालित हैं। मेरठ से बदायूं तक का सफर डेढ़ घंटे में पूरा हो गया। अभी तक इसी सफर में साढ़े चार घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे पर लगभग 90 किमी तक हम 120 की गति से चलते रहे। कुछ स्थान पर गति 100 किमी रही। सड़क का लेवल भी अच्छा मिला, जिस कारण यात्रा के दौरान कार कहीं नहीं उछली। Ganga Expressway
बिलग्राम से मल्लावां तक का सफर
एक्सप्रेसवे के 329 किलोमीटर प्वाइंट पर हरदोई के बिलग्राम से चढ़ते ही इस बात का आभास होने लगा कि इसे सुरक्षा, पर्यावरण और आरामदायक सफर के लिहाज से दूसरे एक्सप्रेसवे से अलग क्यों कहा जा रहा है। बिलग्राम से मल्लावां के बीच 25 किलोमीटर के सफर में कहीं भी झटके महसूस नहीं हुए।
दुर्घटनाएं कम हों इसके लिए एक्सप्रेसवे पर तीसरी लेन के बाद एक खास किस्म की रंबल स्ट्रिप लगाई गई है। इस पर जैसे ही हमारी गाड़ी चढ़ी तो जोर से कंपन होने लगा। कंपन इतना तेज था कि गाड़ी बैठे हर व्यक्ति को इसका अहसास हो जाएगा।
प्रत्येक दस किलोमीटर पर गति की निगरानी के लिए खास कैमरे लगे हैं, यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलता पाया जाता है, तो स्वतः चालान हो जाएगा। डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट विकसित की जा रही है।
सात पेट्रोल पंप और पांच फूड प्लाजा हो जाएंगे शुरू
एक अधिकारी ने बताया कि लोकार्पण के साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे पर अभी सात पेट्रोल पंप और पांच फूड प्लाजा शुरू किए जा रहे हैं। हर 40 से 70 किलोमीटर पर अत्याधुनिक रेस्ट एरिया हैं जहां फूड प्लाजा, शौचालय, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, कैफेटेरिया, डारमेट्री और अन्य सुविधाएं होंगी।
फिलहाल 175, 254, 377, 480 और 541 किमी प्वाइंट पर फूड प्लाजा शुरू हो जाएंगे। मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे के 72 किमी पर हसनपुर में और 120 किमी पर रेस्ट एरिया का निर्माण अभी किया जा रहा है। संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा के अधिकारियों ने दावा किया कि दोनों स्थानों पर 30 अप्रैल से पेट्रोल पंप चालू हो जाएगा। शौचालय ब्लाक भी शुरू हो जाएंगे। सीएनजी और ईवी चार्चिंग स्टेशन के साथ फूड कोर्ट शुरू होने में थोड़ा वक्त लगेगा।
अवैध प्रवेश रोकने को सुरक्षा दीवार
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आठ फीट ऊंची कंक्रीट की दीवार बनी है। उससे लगी सर्विस रोड है। सुरक्षा दीवार एक्सप्रेसवे पर दौड़ते वाहनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है ताकि अनाधिकृत रूप से कोई वाहन अथवा जंगली जानवर प्रवेश न कर सके। सर्विस रोड स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए है। हालांकि कई स्थानों पर सुरक्षा दीवार और सर्विस रोड का काम अभी अधूरा मिला।
जलीय प्राणियों के लिए मुफीद गंगा का पुल
गढ़मुक्तेश्वर के पास गंगा नदी पर 980 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। यह पुल भी खास है। डबल गर्डर तकनीक से गंगा में बने पुलों की बीच की दूरी को मानक दूरी 40 मीटर से बढ़ाकर 60 मीटर किया गया है। जिससे गंगा में परिवहन और जलीय प्राणियों का आवागमन सुगमता से होगा।
धनुष आकार का टोल प्लाजा
मेरठ की तरफ से एक्सप्रेसवे के 146 किमी पर धनुष आकार का टोल प्लाजा है। यहां एक्सप्रेसवे के संचालन की जिम्मेदारी अदाणी समूह के पास है। इस टोल पर मल्टी लेन फ्री फ्लो तकनीक न होकर वाहनों को बूथ पर रोककर उनका प्रवेश दर्ज करने की व्यवस्था है। सभी बूथों पर कर्मचारी तैनात रहेंगे। Ganga Expressway
















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