BNP NEWS DESK। Politics of Bangladesh बांग्लादेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी को अगले साल फरवरी में होनेवाले चुनावों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पार्टी की गतिविधियों पर पिछले साल अगस्त से ही प्रतिबंध लागू हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने एक घोषणा में इसकी पुष्टि की है।
Politics of Bangladesh बुधवार को अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मोहम्मद यूनुस को पांच अमेरिकी सांसदों की तरफ से अवामी लीग पर प्रतिबंध पर चिंता जताते हुए भेजे गए एक पत्र से जुड़े सवाल पर शफीकुल आलम ने पार्टी को लेकर टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि ऐसे किसी पत्र को न तो उन्होंने देखा है और न ही इसे भेजे जाने के बारे में जानते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अवामी लीग को लेकर सरकार की सोच बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अवामी लीग का पंजीकरण निलंबित कर दिया है, ऐसे में गैरपंजीकृत पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू है। इस तरह पार्टी चुनाव में भी हिस्सा नहीं ले सकेगी।
आइएसआइ चला रही भारत विरोधी नैरेटिव
बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ देश में भारत विरोधी नैरेटिव चलाकर फरवरी में प्रस्तावित चुनावों को एकतरफा बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।
पाकिस्तान के कुछ मीडिया आउटलेट ने भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा) पर हादी की हत्या का आरोप लगाते हुए ये नैरेटिव गढ़ना शुरू किया है। ये दावा ऐसे समय किया जा रहा है जब बांग्लादेश के अधिकारी स्वयं हत्यारों और उनके मकसद के बारे में उद्देश्यों को लेकर असमंजस में हैं।
आग में घी डालने का काम पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पीएमएल-एन के नेता कामरान सईद उस्मानी के एक भड़काऊ वीडियो मैसेज ने किया है, जिसमें उन्होंने भारत विरोधी बातें कही हैं।
पाकिस्तान कर रहा भड़काऊ बयानबाजी
बांग्लादेश में उथल पुथल के लिए भारत पर दोष मढ़ते हुए उस्मानी ने धमकी दी कि मिसाइलों का रुख भारत की ओर मोड़ा जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि इन भड़काऊ संदेशों का मकसद केवल बांग्लादेश में हिंसा को जारी रखना है।
उन्होंने कहा कि इस तरह से संदेशों का एक पैटर्न है। इसके पीछे उद्देश्य बांग्लादेश की घरेलू समस्याओं का अंतरराष्ट्रीयकरण करना और भारत को उसमें घसीटना है।
पाकिस्तान के अलावा किसी भी देश ने बांग्लादेश की हालत के लिए भारत को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। जबकि ये सबकुछ पाकिस्तान के डीप-स्टेट का ही किया धरा है ताकि पाकिस्तान की कठपुतली जमात ए इस्लामी को देश की सत्ता पर बैठाया जा सके।
बीएनपी को मिल सकती है भावनात्मक बढ़त
जमात की राह में सबसे बड़ा रोड़ा पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी (बांग्लादेश नेशनल पार्टी) बन सकती है। खालिदा जिया बीमार हैं और लंदन में उनका इलाज चल रहा है।
उनके बेटे तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं, जिससे आइएसआइ और जमात ए इस्लामी में खलबली मची हुई है। शेख हसीना के बाद अगर सत्ता का प्रबल दावेदार कोई है तो वह बीएनपी हो सकती है।
फरवरी में होनेवाले चुनाव में बीएनपी को लोगों का भावनात्मक समर्थन मिल सकता है। तारिक के लौटने से बीएनपी के कैडर में भी उत्साह है।
शेख हसीना की तरह खालिदा जिया के भी भारत से अच्छे संबंध रहे हैं। इस बात को समझते हुए जनता बीएनपी को भारी समर्थन दे सकती है। इन सबको देखते हुए आनेवाले दिनों में आइएसआइ बांग्लादेश में हिंसा को बड़े पैमाने पर हवा दे सकती है। Politics of Bangladesh
















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