BNP NEWS DESK। Train Fare26 दिसंबर से रेल यात्रा महंगी हो जाएगी। लंबी दूरी की रेल यात्रा के किराये में आंशिक बढ़ोतरी की गई है। रेलवे ने 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया है। रेलवे का कहना है कि इससे अगले साल 31 मार्च तक 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी, जिससे रेलवे के विस्तार और सुरक्षा मानकों पर होने वाले खर्च में थोड़ी मदद मिलेगी।
Train Fare रेलवे ने एक साल में दूसरी बार यात्री किराये में बढ़ोतरी की है। इससे पहले इसी साल एक जुलाई को किराया बढ़ाया गया था। उस समय दूसरे दर्जे, स्लीपर (नान एसी) और फर्स्ट क्लास किराये में प्रति किलोमीटर आधा पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। जनवरी 2020 में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद यह रेल किराये में पहली बढ़ोतरी थी। रेल मंत्रालय का कहना है कि उस बढ़ोतरी से अब तक रेलवे को 700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
लंबी दूरी की रेल यात्रा के किराये में सरकार ने की आंशिक बढ़ोतरी
साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर एक पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है, जबकि मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की नान-एसी और एसी श्रेणियों में दो पैसे प्रति किलोमीटर अतिरिक्त चुकाने होंगे। सामान्य श्रेणी के लिए 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर हर किलोमीटर एक पैसे और मेल/एक्सप्रेस एसी या नान एसी में प्रति किलोमीटर 2 पैसे लगेंगे। यानी सामान्य श्रेणी में कोई दिल्ली से पटना जाएगा तो उसे 10 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।
जबकि आरक्षित श्रेणी में 20 रुपये। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपनगरीय ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किराया बढ़ने के परिणामस्वरूप नान एसी कोच में 500 किलोमीटर की यात्रा के लिए यात्री को 10 रुपये अधिक देने होंगे। इसी प्रकार, मेल/एक्सप्रेस की एसी क्लास में दिल्ली-मुंबई की लगभग 1,384 किलोमीटर की यात्रा के लिए 27.68 रुपये की बढ़ोतरी होगी। Train Fare
यात्री किराये में आंशिक समायोजन किया गया
फरवरी में आने वाले बजट से पहले हुई इस बढ़ोत्तरी का रेलवे ने स्पष्टीकरण भी दिया है। रेलवे का तर्क है कि पिछले एक दशक में नेटवर्क विस्तार, नई लाइनों, ट्रेनों और सुरक्षा उपायों में बड़े स्तर पर निवेश किया गया है।
कर्मचारियों की संख्या और पेंशन दायित्व बढ़ने से लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मानव संसाधन पर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
पेंशन खर्च बढ़कर 60 हजार करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2024-25 में कुल परिचालन लागत बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये हो गई। इन्हीं कारणों से अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए कार्गो ढुलाई बढ़ाने के साथ यात्री किराये में आंशिक समायोजन किया गया है। Train Fare
त्योहारों के दौरान 12 हजार से अधिक ट्रेनों का सफल संचालन
इन सुधारों के चलते भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे नेटवर्क बन चुका है और त्योहारों के दौरान 12 हजार से अधिक ट्रेनों का सफल संचालन संभव हो पाया है। साफ है कि रेलवे लागत और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यह फैसला जेब पर अतिरिक्त भार लेकर ही आएगा।
किस क्लास में कितना बढ़ेगा किराया
दूरी– किराये में बढ़ोतरी
215 किमी तक — कोई बढ़ोतरी नहीं
215 किमी से ज्यादा–साधारण श्रेणी में एक पैसा प्रति किमी बढ़ेगा
–मेल/एक्सप्रेस की नान एसी और एसी श्रेणी में दो पैसे प्रति किमी बढ़ोतरी Train Fare
















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