BNP NEWS DESK। Prepaid Smart Meter तकनीकी दिक्कतों के चलते स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर महीनों से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने बिजली कनेक्शन में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब पहले की तरह सभी बिजली कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही रहेंगे। उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति किसी भी महीने में उपभोग की गई बिजली के बिल का भुगतान अगले महीने 15 दिनों में करने की सुविधा मिलेगी।
Prepaid Smart Meter नए कनेक्शन तो पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के माध्यम से अब दिए ही जाएंगे, पिछले वर्ष से अब तक प्रीपेड मोड में किए गए 83 लाख से अधिक कनेक्शन भी फिर से पोस्टपेड मोड में किए जाएंगे। पुराने मीटर को भी स्मार्ट प्रीपेड मोड में बदलने का कार्य स्थगित रहेगा। 30 अप्रैल तक के बिजली बिल के बकाए को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी उपभोक्ताओं को मिलेगी।
बिजली बिल अधिक आने से आक्रोश
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को रिचार्ज कराए जाने के बाद भी घंटों बिजली का कनेक्शन स्वतः न जुड़ने, अप्रत्याशित तौर पर ज्यादा लोड और बिजली बिल अधिक आने से आक्रोशित बिजली उपभोक्ताओं द्वारा आए दिन विद्युत उपकेंद्रों पर धरना-प्रदर्शन और तोड़फोड़ किए जाने के बावजूद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा सहित पावर कारपोरेशन प्रबंधन उन्हें बेहतर बताते हुए किसी तरह की खामियों को खारिज ही करता रहा।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेशवासियों की नाराजगी
हालांकि, चुनावी वर्ष में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेशवासियों की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर वाली समिति गठित कर स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवता की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस बीच उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी तकनीकी खामियां गिनाते हुए विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। Prepaid Smart Meter
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने बताया कि अब प्रीपेड की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है
अंततः बैकफुट पर आते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार को पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल की मौजूदगी में बताया कि अब प्रीपेड की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। सभी स्मार्ट मीटर पूर्व की भांति पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। जैसे पहले मासिक बिजली के बिल को जमा किया जाता था। वैसे ही अब एक से 30 तारीख तक का बिल अगले माह 10 तारीख तक एसएमएस या वाट्सएप से भेजा जाएगा जिसे 15 दिन में जमा किया जा सकेगा। पुराने मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में भी अब नहीं बदला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि महीने के अंदर बिजली का कनेक्शन न कटे।
30 अप्रैल तक के बकाये बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा रहे। बिल संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए मई-जून में कैंप लगें। उपभोक्ता 1912 के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रीपेड मीटर खत्म करने पर उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए मांग की कि विरोध-प्रदर्शन पर उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को भी वापस लिया जाए।
चार किस्तों में वापस ली जाएगी सिक्योरिटी धनराशि
चूंकि पोस्टपेड को प्रीपेड मीटर में बदलने पर सिक्योरिटी धनराशि नहीं ली जा सकती है इसलिए पहले से जमा सिक्योरिटी धनराशि को संबंधित उपभोक्ताओं के बिल में ही समायोजित किया जा चुका है। अब प्रीपेड मीटर को फिर पोस्टपेड में करने पर उपभोक्ताओं से फिर सिक्योरिटी धनराशि ली जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सिक्योरिटी धनराशि चार किस्तों में ली जाएगी। अब पोस्टपेड मोड में ही कनेक्शन होने से नया कनेक्शन लेना भी महंगा हो जाएगा।
विदित हो कि प्रदेश में अब तक 86.80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 83.20 लाख प्रीपेड मोड में है। गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर को कमांड के जरिये ही किसी भी मोड में बदला जा सकता है। जिस तरह से पोस्टपेड को प्रीपेड में किया गया, उसी तरह अब उन्हें फिर पोस्टपेड में बदलने लिए सिर्फ कमांड देना होगा। किसी भी स्मार्ट मीटर को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। Prepaid Smart Meter
















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