BNP NEWS DESK। Tamilnadu election तमिलनाडु में बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने में जुटे टीवीके प्रमुख विजय को रोकने के लिए द्रविड़ राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी द्रमुक और अन्नाद्रमुक के हाथ मिलाने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के राजनीतिक गलियारे में दिनभर दोनों दलों के बीच “बातचीत” की चर्चाएं चलती रहीं।
Tamilnadu election इन चर्चाओं के बीच कांग्रेस का समर्थन पाने के बाद विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। लेकिन, अभी लोकभवन से उन्हें कोई संकेत नहीं मिला है।
राज्यपाल अर्लेकर बहुमत होने के विजय के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में सात मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण की कोई संभावना नहीं है।
राजनीतिक गहमागहमी के बीच अन्नाद्रमुक के नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजार्ट में ले जाया गया है। पुडुचेरी ले जाए गए विधायकों की संख्या के बारे में पता नहीं चला है।
कांग्रेस पार्टी द्वारा टीवीके के साथ गठबंधन करने की घोषणा के कुछ घंटे बाद दोनों द्रविड़ पार्टियों के बीच विचार-विमर्श की खबरें सामने आईं। Tamilnadu election
हालांकि, अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। टीवीके को कांग्रेस द्वारा समर्थन देने से नाराज द्रमुक ने इसे पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया है।
द्रमुक ने टीवीके से हाथ मिलाने के कांग्रेस के फैसले को धोखा करार दिया। द्रमुक प्रवक्ता सरवनन अनादुरई ने कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु की जनता और उसके जनादेश को धोखा दिया है।
जीत के प्रमाण पत्र पर रिटर्निंग आफिसर के हस्ताक्षर की स्याही सूखने से पहले ही कांग्रेस ने गठबंधन बदलने का फैसला कर लिया। अनादुरई ने कहा कि टीवीके के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है।
द्रमुक के वरिष्ठ नेता टीआर बालू ने आरोप लगाया कि टीवीके के साथ गठबंधन करने वाली कांग्रेस ने उन लोगों के साथ विश्वासघात किया है, जिन्होंने द्रमुक के नेतृत्व वाली सरकार बनने के विश्वास में वोट दिया था। कांग्रेस द्वारा जारी टीवीके को समर्थन देने वाला पत्र उनके उस “असली स्वरूप” को उजागर करता है, जिसे वे कुछ समय से छिपा रहे थे।
दूसरी तरफ टीवीके संस्थापक विजय ने कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की और बाद में दोपहर 3.15 बजे लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। विजय ने राज्यपाल को कांग्रेस विधायकों की सूची भी सौंपी।
लोकभवन सूत्रों ने संकेत दिया कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्यपाल अर्लेकर बहुमत होने के विजय के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। Tamilnadu election
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने से पहले विजय को बहुमत का सूबूत देना होगा।
टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार के गठन में हो रही देरी की आलोचना करते हुए कांग्रेस की लोकसभा सदस्य ज्योतिमणि ने कहा कि बहुमत साबित करने का स्थान विधानसभा है।
लोकभवन में बहुमत साबित करने की कोई जरूरत नहीं है। भाजपा को तुरंत लोकभवन के जरिये राजनीति करना बंद कर देना चाहिए। राज्यपाल को तत्काल विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
टीवीके को पांच और विधायकों के समर्थन की जरूरत
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। चूंकि विजय दो सीटों से जीते हैं, ऐसे में टीवीके की प्रभावी सदस्य संख्या 107 होगी। विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा भी 117 रह जाएगा। पांच विधायकों वाली कांग्रेस द्वारा समर्थन का एलान किए जाने के बाद सरकार बनाने के लिए विजय को अब पांच और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। Tamilnadu election
टीवीके सूत्रों ने बताया कि पार्टी द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के घटक दलों-वीसीके, वामपंथी दलों और आइयूएमएल से समर्थन हासिल करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, किसी ने भी टीवीके के साथ हाथ मिलाने के सकारात्मक संकेत नहीं दिए हैं, जिससे टीवीके के जल्द सरकार बनाने की संभावनाओं पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
कांग्रेस का एलान-टीवीके सरकार में शामिल होंगे
द्रमुक की लंबे समय से सहयोगी रही कांग्रेस ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने और द्रविड़ पार्टी से संबंध तोड़ने का एलान कर दिया। कांग्रेस ने कहा कि वह आगे भी टीवीके के साथ बनी रहेगी। कांग्रेस के द्रमुक से अलग होने से राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर ने कहा कि विजय ने हमसे सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था। हमने टीवीके को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ बाहर से समर्थन नहीं देंगे।
हमारी पार्टी सरकार का हिस्सा बनेगी। यह गठबंधन दोनों पार्टियों के बीच आपसी सम्मान, उचित हिस्सेदारी और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है।
यह न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय, लोकसभा और राज्यसभा के भावी चुनावों के लिए भी है। Tamilnadu election
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विजय और राहुल गांधी तमिलनाडु की जनता के इस ऐतिहासिक फैसले का सम्मान करने और के युवाओं के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। इस घोषणा का स्वागत करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में पटाखे फोड़े।
कांग्रेस ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उसने टीवीके का समर्थन करके सत्ता हथियाने के लिए लंबे समय के सहयोगी द्रमुक की “पीठ में छुरा घोंपा” है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि तमिलनाडु में उनके गठबंधन की सत्ता के दौरान उसने कभी कोई पद नहीं मांगा और यहां तक कि द्रमुक ने भी 2014 के लोकसभा चुनाव में हमसे नाता तोड़ लिया था। इसे पीठ में छुरा घोंपना नहीं कहा जा सकता। अगर समान विचारधारा वाली पार्टियां राज्य में सरकार बना रही हैं तो इसमें “क्या मुद्दा है”।
उल्लेखनीय है कि द्रमुक कांग्रेस के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक है। दोनों पार्टियों ने पहली बार 1971 में गठबंधन किया था, जब विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ हुए थे।
द्रमुक 2004 से 2013 तक संप्रग सरकारों का हिस्सा रहा। 2016 में कांग्रेस ने द्रमुक के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत किया।
अन्नाद्रमुक ने कहा-टीवीके का समर्थन नहीं करेंगे
अन्नाद्रमुक ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन नहीं देगा।
पार्टी ने कहा कि उसने अब तक किसी भी परिस्थिति में टीवीके का समर्थन नहीं किया है। मीडिया के एक वर्ग में इस तरह की खबरें हैं कि अन्नाद्रमुक के निर्वाचित विधायकों ने टीवीके के साथ गठबंधन करने के समर्थन में मतदान किया है।
इस पर अन्नाद्रमुक के उपमहासचिव केपी मुनुसामी ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। अन्नाद्रमुक किसी भी परिस्थिति में टीवीके का समर्थन नहीं करेगा। विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें हासिल की हैं। Tamilnadu election
विधानसभा की दलीय स्थिति
टीवीके——–108
द्रमुक———59
अन्नाद्रमुक——47
कांग्रेस———5
पीएमके——–4
आइयूएमएल—–2
माकपा———2
वीसीके———2
माकपा———2
भाजपा———1
डीएमडीके——-1
एएमएमके——-1 Tamilnadu electio
















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