इस बार 8 दिनों का नवरात्र, 10 साल बाद बन रहा खास संयोग

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  Chaitra Navratri 2025

BNP NEWS DESK।   Chaitra Navratri 2025  नवरात्र की शुरूआत 30 मार्च को हो रही है। काशी में चैत्र नवरात्र में नौ दुर्गा और नौ गौरी की पूजा का विधान है। इस बार नवसंवत्सर के राजा और मंत्री सूर्य होंगे। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्र की शुरूआत हो रही है।

30 मार्च को शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र व हिंदू नववर्ष के राजा और मंत्री सूर्य हैं। यह संयोग 10 साल बाद बन रहा है। काशी में चैत्र नवरात्र में नौ दुर्गा और नौ गौरी की पूजा का विधान है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन और आराधना शुरू होगी। पंचमी तिथि का लोप होने के कारण इस बार नवरात्र नौ की जगह आठ दिन का ही होगा।

Chaitra Navratri 2025 पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4.27 बजे से होगी और तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12.49 बजे होगा। नववर्ष को कालयुक्त संवत्सवर के नाम से जाना जाएगा।

कलश स्थापना का ये मिलेगा मुहूर्त

वैशाख कृष्णपक्ष तृतीया 15 अप्रैल से नए संवत्सर सिद्धार्थ की शुरूआत होगी, लेकिन संपूर्ण वर्ष कालयुक्त संवत्सर ही मान्य रहेगा। इस वर्ष के राजा सूर्य हैं और नवरात्र की शुरुआत भी रविवार से हो रही है। यह एक दिव्यतम संयोग का निर्माण कर रहा है। मां दुर्गा की पूजा कलश स्थापना के साथ होगी। कलश स्थापना के लिए सुबह से दोपहर तक का मुहूर्त मिलेगा।

पंचमी तिथि का लोप होने के कारण आठ दिन का ही व्रत और पूजन

ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नौ दिनों के नवरात्र में पंचमी तिथि का लोप होने के कारण आठ दिन का ही व्रत और पूजन होगा। अष्टमी तिथि का व्रत पांच अप्रैल और संधि पूजन छह अप्रैल को होगा। नवमी तिथि और नवरात्रि का समापन छह अप्रैल को होगा। श्रीराम जन्मोत्सव भी छह अप्रैल को मनाया जाएगा।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना करना जरूरी माना जाता है। ऐसा करने से साधक को नवरात्र व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। ऐसे में घट स्थापना का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है –

घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक

घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक

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Author: BNPNEWS

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