BNP NEWS DESK। falharini kali puja ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर सोमवार को काली मंदिरों में फलहारिणी पूजा का आयोजन किया गया। फलहारिणी काली पूजा एक विशेष प्रकार की पूजा होती है। भक्तों की ओर से मां काली को विविध प्रकार के फलों का भोग लगाया जाता है। यह पूजा रामकृष्ण परमहंस के जीवन से जुड़ी है, जो इस पूजा के दौरान अपनी साधना का फल मां के चरणों में अर्पित करते थे।
देवनाथपूरा स्थित तारा काली बाड़ी, आद्या काली मंदिर सहित सभी काली मंदिरों में अनुष्ठान हुआ। मां तारा काली बाड़ी के ट्रस्टी डाक्टर एसएस गांगुली ने कहा कि फलहारिणी काली पूजा में मां काली को विशेष रूप से षोडशी रूप में पूजा जाता है। हर साल ज्येष्ठ अमावस्या पर फलाहारिणी काली पूजा का आयोजन किया जाता है। वहीं आद्या काली मंदिर के प्रभारी रंजीत भटटाचार्य ने कहा कि मंदिर में शाम को मां की विधि विधान के साथ पूजन-अर्चन किया। गया। साथ ही भक्तों को फल-प्रसाद वितरीत किया गया।








