चारुपाठ प्रकाशन का क्रांतिकारी रासबिहारी बोस की आत्मकथा पर क‍िताब का व‍िमोचन

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Charupath Prakashan

BNP NEWS DESK। Charupath Prakashan चारुपाठ प्रकाशन ने क्रांतिकारी रासबिहारी बोस की बांग्ला में लिखी गई आत्मकथा का हिंदी अनुवाद प्रकाशित करने की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक पुस्तक का अनुवाद काशी के प्रसिद्ध रंगकर्मी जयदेव दास ने किया है। पुस्तक के आवरण का विमोचन समारोह नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

Charupath Prakashan रासबिहारी बोस द्वारा बांग्ला में लिखित यह आत्मकथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण अध्याय को प्रस्तुत करती है। पुस्तक में उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है। विशेष रूप से 1915 में भारत छोड़कर जापान जाने के अपने निर्णय के पीछे के राजनीतिक और सामाजिक कारणों को स्पष्ट किया है।

इस आत्मकथा में बोस ने जापान प्रवास के दौरान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने के अपने प्रयासों का भी रोचक वर्णन किया है।

यह पहली बार है जब यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज हिंदी भाषा में उपलब्ध हो रहा है। अनुवादक जयदेव दास ने मूल बांग्ला पाठ के साथ न्याय करते हुए सरल एवं प्रवाहमय हिंदी में अनुवाद किया है।

इस प्रकाशन के माध्यम से रासबिहारी बोस के जीवन संघर्ष, क्रांतिकारी विचार और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को व्यापक हिंदी पाठक वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक इतिहास के शोधार्थियों, विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी

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Author: BNPNEWS

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