BNP NEWS DESK । Economic Growth Rate सरकार के स्तर पर अगर ढांचागत सुधारों को लेकर कोई सुस्ती नहीं दिखाई गई तो देश की तेज आर्थिक विकास यात्रा आगे भी जारी रहेगी। मंगलवार को आरबीआइ की तरफ से जारी सालाना रिपोर्ट का लब्बो-लुआब यही है। जिस महंगाई ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान सबसे बड़ी चुनौती पेश की थी, उसकी स्थिति सुधर रही है और इस दौरान इसकी दर 6.7 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2023-24 में 5.2 प्रतिशत आ जाने की संभावना है।
Economic Growth Rate महंगाई कम होने के बावजूद देश की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत बनी रहेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के संभावित सात प्रतिशत की विकास दर से तो कम रहेगी, लेकिन दुनिया के दूसरे सभी प्रमुख देशों के मुकाबले ज्यादा होगी। आरबीआइ की रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर चुनौतियों के कम होने और अवसरों के बढ़ने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में वर्ष 2022-23 में भारत की आर्थिक विकास दर की रफ्तार सात प्रतिशत रहने की बात कही गई है। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष के आर्थिक विकास दर के अनुमानों में आरबीआइ ने कई बार बदलाव किया है।
इस रिपोर्ट में घरेलू स्तर पर इकोनमी के तकरीबन हर क्षेत्र में मजबूती आने की बात कही है। अगर कोई चुनौती या परेशानी पैदा होगी तो वह वैश्विक अनिश्चितता व भू-राजनीतिक तनाव से होगी। इसका असर विकास दर की संभावनाओं पर साफ दिखाई दे सकता है।
ऐसे में सरकार को आगाह किया गया है कि उसे ढांचागत सुधारों को लेकर सुस्ती नहीं बरतनी चाहिए और इन्हें जारी रखनी चाहिए। आरबीआइ के मुताबिक, मध्यम काल में तेज विकास दर की संभावनाओं को बनाए रखने के लिए ढांचागत सुधारों को जारी रखना बेहद जरूरी है।
यह बात पिछले वर्ष में हुए यूक्रेन युद्ध और हाल ही में अमेरिका और यूरोप के कुछ बैंकों के असफल होने के अनुभव को ध्यान में रखते हुए कहा गया है।
भारतीय बैंक और एनबीएफसी की स्थिति मजबूत
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बैंक व गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन नए पैदा होने वाले जोखिमों को लेकर उनकी क्षमता की जांच किया जाना जरूरी है। इस बारे में वर्ष 2023-24 में नए नियमों की घोषणा की जाएगी। कर्ज नहीं चुका पाने वाली कंपनियों के मामले के निपटारे को लेकर भी यह संकेत दिया गया है कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किए जाएंगे।
डिजिटल बैंकिंग के प्रसार को किया जाएगा और तेज
रिपोर्ट में बैंक ग्राहकों की मौजूदा सुविधाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए भी कई भावी कदमों के बारे जानकारी दी गई है। ग्राहकों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए देश में बैंकिंग सेक्टर को साइबर सेंधमारी से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे और डिजिटल बैंकिंग का प्रसार भी तेजी से बढ़ाने की बात इसमें कही गई है।
भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अत्याधुनिक बनाने और यूपीआइ के इस्तेमाल के दायरे को बढ़ाने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत यूपीआइ का इस्तेमाल प्री-पेड क्रेडिट कार्ड की तरह करने का फैसला होना है।
यह भी बताया गया है कि आम बैंकिंग ग्राहकों की शिकायतों का तेजी से निवारण को लेकर भी मौजूदा तंत्र को बेहतर बनाने की योजना बन रही है। इसके तहत आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
आर्थिक विकास की गति
-आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत बनी रहेगी, सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश होगा भारत
-वित्त वर्ष 2023-24 में 5.2 प्रतिशत रहेगी महंगाई दर, भू-राजनीतिक तनाव से पैदा हो सकती हैं चुनौतियां
आरबीआइ की नजर में अर्थव्यवस्था का हाल
-कारपोरेट और बैंकों की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत
-खाद्यान्न उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण मांग में सुधार के लक्षण
-स्टील व सीमेंट उत्पादन में लगातार वृद्धि, रीयल एस्टेट बेहतर स्थिति में
-पोर्ट और कार्गो ढुलाई से मिला औद्योगिक उत्पादन बढ़ने के संकेत
-सेवा सेक्टर में मजबूती जारी रहने के आसार
-वैश्विक अनिश्चितता एक खतरा, लिहाजा जारी रहे ढांचागत सुधार








