BNP NEWS DESK। Census 2027 जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को मोबाइल एप के जरिये खुद अपनी गणना करने का विकल्प भी मिलेगा। यह देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए सबसे विश्वसनीय आधार मानी जाती है। 22 मई से शुरू होने वाली इस जनगणना के लिए आंकड़े एक मार्च 2027 की स्थिति के अनुसार दर्ज किए जाएंगे। पहले चरण को ससमय और बिना त्रुटि पूरा करने के लिए जनगणना कार्य निदेशालय में जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने सभी नगर निगमों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा और प्रशिक्षण बैठक की।
Census 2027 बैठक की अध्यक्षता करते हुए निदेशक ने बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में प्रदेश में एक साथ मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए जीआइएस आधारित मानचित्र और गणना ब्लाक तैयार करने के लिए सीएमएमएस वेब पोर्टल का उपयोग होगा। पहली बार नागरिकों को सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प दिया गया है। प्रदेश में फील्ड कार्य शुरू होने से पहले सात से 21 मई तक नागरिक पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं आनलाइन प्रश्नावली भर सकेंगे। उन्होंने तय अवधि में जनगणना का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निदेशक स्थानीय निकाय अनुज झा ने प्रशिक्षण व्यवस्था, मकान सूचीकरण, ब्लाकों के सुव्यवस्थित गठन और समयबद्ध फील्ड कार्य पर जोर दिया। स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पूरी जनगणना मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में होगी, जिससे आंकड़े तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध हो सकेंगे। Census 2027
बैठक में अधिकारियों ने जनगणना-2027 की कार्ययोजना, समय सीमा और तकनीकी प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण, उनकी पहचान व नियुक्ति, फील्ड आवंटन और डाटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। जनगणना कार्य के लिए लगभग छह लाख फील्ड कर्मी लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में अगले वर्ष नौ से 28 फरवरी के बीच जनसंख्या के साथ जाति संबंधी आंकड़े जुटाए जाएंगे।
33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र की जाएंगी
पहले चरण में प्रगणक परिवारों से कुल 33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र करेंगे। इनमें भवन का उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, बिजली का मुख्य स्रोत, खाना पकाने का ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, मुख्य अनाज, फोन, वाहन, टेलीविजन और इंटरनेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रहेंगी।
















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