BNP NEWS DESK। Disha Patni ‘बालीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली में घर पर फायरिंग हमने कराई। यह संदेश फिल्म जगत के लिए भी है कि हमारे धर्म-संतों पर अपमानजनक हरकत की तो परिणाम भुगतना होगा…।’ 12 सितंबर को इंटरनेट मीडिया पर गोल्डी बराड़ गिरोह की पोस्ट के अंश साबित कर रहे थे कि दिशा के घर घटना के बहाने वह बालीवुड में डर फैलाना चाहता था।
अभिनेत्री के घर पर फायरिंग की गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा नाम से फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट कर जिम्मेदारी ली गई थी। शूटर अरुण व रविंद्र के एनकाउंटर से बौखलाकर गुरुवार को रोहित गोदारा नाम के एकाउंट से पोस्ट प्रसारित हुई।
ढेर नहीं हुए बल्कि बलिदान दिया
Disha Patni उसमें लिखा था कि जिनका एनकाउंटर हुआ, वे ढेर नहीं हुए बल्कि बलिदान दिया है। धर्म के लिए लड़ने वालों को मार दिया जाता है। … हम वो काम कर सकते हैं, जिसकी कल्पना नहीं कर सकते। इसमें (एनकाउंटर) जिसका भी हाथ है, वो चाहें कितना भी पैसा-पावर वाला हो, उसे माफी नहीं है। बस, वक्त लग सकता है।
पिछले वर्ष मुंबई में सलमान खान के बंगले के बाहर फायरिंग के दौरान वह लारेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता था। कुछ समय पहले लारेंस से अलग होने के बाद गोल्डी बराड़ गिरोह ने डर फैलाना चाहा, मगर बुधवार को पुलिस ने उसके शूटर्स अरुण व रविंद्र को ढेर कर करारा जवाब दे दिया।
पुलिस अधिकारी मानते हैं कि गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह ने खुद को चर्चा में लाने के लिए दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग कराई। जुलाई में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के ‘लिव इन रिलेशन’ वाले बयान के विरुद्ध दिशा पाटनी की बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू ने वीडियो जारी किया था।
संत व सनातन का अपमान
गोल्डी गिरोह ने इसे संत व सनातन के अपमान से जोड़कर 11 और 12 सितंबर को दिशा पाटनी के घर फायरिंग कराई थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गिरोह का शूटर रविंद्र, अरुण, नकुल व विजय छह सितंबर को शहर में आ गया था।
उस समय शिक्षक अर्हता परीक्षा के अभ्यर्थियों की भीड़ में चारों ने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर होटलों में कमरे लिए थे। इसके बाद चारों ने कई बार होटल बदले।
11 सितंबर की सुबह चार बजे नकुल व विजय दिशा पाटनी के घर फायरिंग कर बागपत की नंबर प्लेट वाली स्पलेंडर बाइक से दिल्ली की ओर भागा। 11 सितंबर वाली फायरिंग की चर्चा नहीं हुई इसलिए 12 सितंबर को अरुण व रविंद्र ने दिशा के फायरिंग कर दहशत फैलाई, फिर दिल्ली नंबर की अपाचे से भाग गया। शूटर्स ने चार होटलों में फर्जी आधार कार्ड दिखाए थे। कुछ में नाम सही, मगर पता गलत था। कुछ फर्जी आधार कार्ड निशांत, रामनिवास, सागर और अमित नाम के लगाए गए, मगर फोटो शूटर्स के थे।
अब नकुल व विजय की तलाश में पुलिस
12 सितंबर को फायरिंग करने वाला अरुण व रविंद्र बुधवार को गाजियाबाद में एनकाउंटर में मारा जा चुका। बागपत निवासी नकुल व विजय की तलाश की जा रही। अरुण व रविंद्र की तरह उन दोनों पर भी एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका। आशंका है कि गोल्डी गिरोह ने चारों शूटर्स पर 20-25 लाख रुपये खर्च किए।















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