BNP NEWS DESK। Inspector beating कचहरी में दरोगा की पिटाई मामले में साफ्टवेयर बड़ा सहारा बनकर उभरा है। पुलिस तकनीक की मदद से सीसीटीवी फुटेज में से 16 चेहरों की पहचान कर उनके नाम-पते खोजे हैं। पुलिस इनके फोटो भी जारी किए हैं, जिसे देखकर कोई भी एक नजर में पहचान सकता है। ये वही लोग हैं, जो दरोगा की पिटाई करते नजर आ रहे हैं।
Inspector beating पुलिस ने अभी तक की जांच में जिन लोगों के चेहरे पहचाने हैं, उनके नाम शुभम चौबे, सुधांशु मिश्रा, राजन पांडेय, शेखर यादव, ईशाना, अजीत सिंह, सुुमित सिंह, आलोक सौरभ, रजत उपाध्याय, प्रवीण उपाध्याय, कुलदीप सिंह, रजनीश कुमार गोंड, रतन, राहुल सिंह, गनेश श्रीवास्तव, विश्नु तिवारी है। पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस का इसमें कोई रोल नहीं है। साफ्टवेयर से जो चेहरे पहचाने गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहचाने गए 16 लोग कौन हैं, यह तो आगे की जांच में पता चल जाएगा। पुलिस तथ्यों के सहारे सच्चाई तक पहुंचेगी।
इंटरनेट मीडिया पर सुर्खियों में आईपीएस और इंस्पेक्टर की बातें
कचहरी में दरोगा मिथिलेश कुमार प्रजापति की पिटाई के बाद भले ही पुलिस अफसर और बार के पदाधिकारी विधिक रूप से मामले में जांच आगे बढ़ाने की बात कर रहे, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही पक्षकारों की बातें उनके पोस्ट जरूर गर्माहट बढ़ा रहे हैं।
शुक्रवार को महिला आईपीएस अधिकारी नीतू का वकीलों से जूझते वीडियो खूब प्रसारित हुआ, जिसमें वह वकीलों से कहते सुनीं जा रहीं कि किसकी गर्मी निकालेंगे, किसकी गर्मी निकालेंगे …।
नीतू की बातें पुलिसकर्मियों को खूब भा रहीं, महकमे में उनके नाम की खूब चर्चा है। उधर, कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा भी अपनी बातों से खूब सुर्खियों में रहे। वह एक वीडियों में कहते सुने गए कि दम हो तो कचहरी के बाहर अकेले मिलो।
शिवाकांत अपनी बातों को स्वीकारते भी हैं, बताए क्या गलत कहा? हमारा दरोगा पीटा गया है, कोई अकेले व्यक्ति को ऐसे मारता है। मेरी बातों का एक अंश वीडियो में है, जबकि मैंने परिस्थितिवश तब कहा जब वकील कचहरी के अंदर से अनावश्यक फोर्स को उद्वेलित कर रहे थे।
















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