BNP NEWS DESK। CM Yogi मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है। मंगलवार रात तक वीडियो कान्फ्रेंसिंग में योगी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जनता दर्शन, सीएम हेल्पलाइन और आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी।
CM Yogi उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में खासतौर से राजस्व व पुलिस से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘जीरो टालरेंस’ नीति
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टालरेंस’ नीति को दोहराते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी अपने स्तर पर ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं कठोर कदम उठाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करूंगा।हिदायत देते हुए कहा कि शासन की मंशा साफ है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कहा कि कार्रवाई इतनी कठोर की जाए कि भ्रष्टाचारियों में डर पैदा हो और प्रदेशवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बना रहे। CM Yogi
गुमटी संचालक का बिल 1.20 लाख आने पर नाराज
गाजीपुर जिले में एक गुमटी संचालक का बिल 1.20 लाख रुपये आने के बाद आत्महत्या के प्रकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बताओ ऐसा कैसे संभव है कि गुमटी संचालक का बिल इतना आ जाएगा।
विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एसपी गाजीपुर को संबंधित जेई, एई और अधिशासी अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए। कहा कि कार्रवाई इतनी कठोर की जाए कि ऐसी गलती दोबारा न हो। CM Yogi













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