BNP NEWS DESK। Jagannath Temple काशी के असि घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर का शिखर भविष्य में पुरी के जगन्नाथ मंदिर के शिखर जितना ऊंचा बन सकता है। मंदिर के पुनर्निर्माण की योजना में अहम बदलाव की तैयारी है। इसके साथ ही इस 236 वर्ष प्राचीन मंदिर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तरह जगन्नाथ धाम के नए स्वरूप में विकसित हो सकता है।
शुक्रवार वैशाख पूर्णिमा को एक दिव्य आयोजन में इस मंदिर के पुनर्निर्माण व नव्य-भव्य स्वरूप की आधारशिला रखेंगे मूलाम्नाय सर्वज्ञ पीठ कांची कामकोटि पीठम के शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती महाराज।
Jagannath Temple ट्रस्ट श्रीजगन्नाथजी की योजना के अनुसार पूरा मंदिर नागर शैली में निर्मित होना है। मंदिर के गर्भगृह का शिखर अभी 108 फीट बनाया जाना तय हुआ था लेकिन अब इसे पुरी के समान लगभग 55 मीटर (करीब 180 फीट) ऊंचा और परिसर में स्थित श्रीनृसिंह भगवान मंदिर का शिखर लगभग 64 मीटर (लगभग 201 फीट) ऊंचा बनाए जाने पर विचार चल रहा है।
श्रीजगन्नाथजी ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर की संपूर्ण वास्तु संरचना तैयार करने वाले काशी के आर्किटेक्ट अमित गुप्ता, अभियंता व ट्रस्ट के समस्त सदस्यों की सहमति से यदि संभव हुआ तो इसे मूर्त रूप दिया जा सकता है ताकि यह मंदिर भी पुरी के जगन्नाथ धाम की तरह भव्य व दिव्य दिखे और श्रद्धालु असि घाट या और भी अन्य दूर के स्थलों से शिखर दर्शन कर पुण्य लाभ ले सकें। इस पर अंतिम निर्णय संरचना की मजबूती और दीर्घकालिक स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि न्यास की योजना ऐसे भव्य मंदिर के निर्माण की है, जिसकी आयु कम से कम एक हजार वर्ष हो और जो काशी के दक्षिणी छोर पर सनातन धर्म की ध्वजा को निरंतर स्थापित रखे। Jagannath Temple
















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