अभिनेता संजय मिश्रा ने दुकान पर खड़े होकर बनाया सैंडविच

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Sanjay Mishra

bnp news desk ।  Sanjay Mishra बालीवुड के चर्चित अभिनेता संजय मिश्रा इन दिनों वाराणसी में हैं। सहज और सरल स्वभाव वाले संजय इस दौरान बनारस की गलियों में बिल्कुल आम व्यक्ति की तरह घूमते हुए नजर आए। उन्होंने ब्रह्मनाल स्थित मौली टी स्टाल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय का आनंद लिया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने उनके साथ बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। संजय मिश्रा का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। वह काल भैरव मंदिर भी दर्शन करने पहुंचे।

Sanjay Mishra  घाटों की खूबसूरती और आध्यात्मिक माहौल को महसूस करते हुए उन्होंने कहा कि ‘काशी काफी बदल रही है, लेकिन इसकी आत्मा आज भी वही है।’ मौके पर उन्होंने एक अलग ही अंदाज भी दिखाया, खुद खड़े होकर सैंडविच बनाते नजर आए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें खाना बनाना बहुत पसंद है, यह बहुत सुकून देने वाला काम है। संजय का वाराणसी से पुराना नाता है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा यहीं से प्राप्त की थी। इसलिए शहर से उनका भावनात्मक जुड़ाव है जो नजर भी आता है।

काल भैरव मंदिर में दर्शन किए, पाठ भी किया

बुधवार सुबह वह काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के मंदिर में पहुंचे। गर्भगृह के अंदर मंदिर के पुजारी ने विधि विधान से पूजा कराई। भैरव अष्टक का पाठ किया। उन्होंने बाबा काल भैरव के मंदिर में लगभग 15 मिनट का समय बिताया।

दर्शन करने के बाद उन्होंने कहा कि काल भैरव मंदिर में दर्शन करने के बाद लगता है कि शरीर और मन हल्का हो गया है। यहां से निकलने के बाद वह पागल बाबा के साथ घूमे। उनके साथ चाय पी। Sanjay Mishra

एक्टर ने कहा कि बनारस ऐसा शहर है, जो जिसको चाहिए वह देता है। इस शहर से पाने के लिए अपने आपको इसे पूरी तरह सौंपना पड़ता है। मेरी रग-रग में बनारस रचा बसा है। बनारस से जुड़ी बचपन की यादें और यहां की खुशबू मेरे जीवन को महकाती रहती है।

अब जानिए कैसा रहा संजय मिश्रा का जीवन

संजय मिश्रा का जन्म वर्ष 1963 में बिहार के दरभंगा में हुआ था। उनके पिता शंभूनाथ मिश्रा एक पत्रकार थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी के केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू परिसर से हुई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से 1989 में अभिनय की पढ़ाई पूरी की।

संजय मिश्रा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविज़न धारावाहिक चाणक्य से की। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया।

उन्हें आंखों देखी (2015) के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर से सम्मानित किया गया। उन्होंने गोलमाल: फन अनलिमिटेड, धमाल, प्रेम रतन धन पायो और टोटल धमाल जैसी कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा, वे फिल्म राखोश में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं, जो भारत की पहली पीओवी तकनीक पर आधारित हिंदी फिल्म मानी जाती है।

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Author: BNPNEWS

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