BNP NEWS DESK। flood in varanasi वाराणसी में गंगा के साथ ही वरुणा, गोमती और नाद नदियों में जल के उफान से बाढ़ का कहर बढ़ता ही जा रहा है। गंगा किनारे के सभी 86 घाट पूरी तरह से डूब चुके हैं और पानी सड़कों पर बह रहा है। बाढ नए क्षेत्रों में फैलती जा रही है। अब तक वाराणसी के 54 गांव और 24 वार्ड बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
सड़कों पर नाव चल रही है। शहर से गांव तक, बस्तियों से सिवान तक हर जगह बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। लगभग एक हजार एकड़ मे खेतों में खड़ी फसल पानी में डूबने से नष्ट हो चली है। बाढ़ के बीच नहाने गए युवक की वरुणा नदी में डूबने से मंगलवार को मौत हो गई। अब तो हाल यह कि बाढ़ के चलते जीवन तो जीवन मरण भी संकट में आ गया है।
flood in varanasi मणिकर्णिका घाट पर छत पर तो हरिश्चंद्र घाट पर गलियाें में शवदाह किया जा रहा है तो इसके लिए भी घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्मशान घाट डूब गए हैं। पशुओं के चारे की भी गंभीर समस्या बाढ़ पीड़ितों के सामने आ रही है।
इस बीच राहत की बात यह कि गंगा का बढ़ता जलस्तर मंगलवार की सुबह से स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग का पूर्वानुमान है कि अब बाढ़ स्थिर हो जाएगी तथा गुरुवार की शाम से बाढ़ के पानी में धीमी गति से घटाव आरंभ हो सकता है।
राहत की बात बढ़ता जलस्तर सुबह से स्थिर
बनारस में राजघाट पर गंगा खतरे के निशान से 97 सेमी ऊपर बह रही है। अस्सी, दशाश्वमेध, शीतला घाट और सामने घाट क्षेत्रों में गंगा सड़कों तक आ गई है। इन घाटों के आसपास बसी कालोनियां भी बाढ़ की चपेट में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से गांवों का संपर्क टूट गया है। चार साल बाद गंगा का पानी ट्रामा सेंटर रोड तक पहुंचा है। महाश्मशान मणिकर्णिका की छत पर शवदाह के लिए लोग शव को नाव से लेकर पहुंच रहे हैं। एक बार में 10 चिताएं जल रही हैं। इसके चलते शवदाह के लिए लोगों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही हैं। असि घाट के ऊपर सड़क पर पानी आ जाने से नाव चल रही है। लोग असि से नगवां तक जाने वाली सड़क पर नाव से आ-जा रहे हैं।
गंगा के पलट प्रवाह से उफनाई वरुणा से शहरी क्षेत्र शैलपुत्री, सलारपुर, सरैयां, नक्खीघाट, दनियालपुर, मीराघाट, उचवां, मड़िया और पुराना पुल सहित कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी भर गया है। कई जगहों पर लोग पलायन कर राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। पंचक्रोशी-पांडेयपुर और सलारपुर-रघुनाथपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित है। कई कालोनियों में बिजली काट दी गई है। flood in varanasi
सलारपुर में पानी घरों की दूसरी मंजिल तक पहुंच गया है। वहां कई लोगों ने छतों पर शरण ले रखी है, जबकि बहुत से परिवार घर छोड़ कर जा चुके हैं। सरैयां में लूम बंद होने से लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहराया है।
गंगा तट के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। रमना गांव में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहर की ओर से गांव जाने वाले मार्ग पर तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब चुकी हैं।
















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