BNP NEWS DESK। Gangotri Dham गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीर गंगा नदी उफना गई। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। 20 से 25 होटल व होमस्टे जलमग्न हो गए। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के अनुसार 10 से 12 मजदूरों के दबे होने की सूचना है। स्थानीय राजेश पंवार का कहना है कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में ऊपर कहीं बादल फटा है।
Gangotri Dham धराली मार्केट क्षेत्र में नुकसान होने की भी सूचना है। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को भटवाड़ी को रवाना किया गया है।
बाढ़ के चलते धराली बाजार को भारी नुकसान पहुंचा है।
चारों ओर मलबा नजर आ रहा है। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। प्राचीन कल्प केदार मंदिर के भी मलबे में दबने सूचना है।
धराली गांव में बादल फटने की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुःख प्रकट किया है। उन्होंने जन-धन की हानि पर संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है।
राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन
अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।
गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आंध्र प्रदेश और दिल्ली का दौरा स्थगित कर देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा… उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है। खीर गंगा नदी में बाढ़ से 20 से 25 होटल व होमस्टे तबाह हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार 10 से 12 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। पानी के साथ बहुत तेज गति से मलबा आया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द राहत और बचाव का कार्य किया जाए। सेना के लोग, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग कोशिश कर रहा है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी को बचाया जाए।
















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