BNP NEWS DESK। voter list प्रदेश में 22 वर्ष बाद निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) कराने जा रहा है। वर्ष 2003 के साथ मौजूदा मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा। दोनों सूची में नाम होने पर बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) को कोई भी दस्तावेज नहीं देना होगा। जिन मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूची में हैं और उनके बच्चों के नाम बाद में जुड़े हैं तो बच्चों को अपना दस्तावेज देना होगा।
एसआइआर के शुरू होने की तिथि आयोग ने अभी घोषित नहीं की
voter list भले ही एसआइआर के शुरू होने की तिथि आयोग ने अभी घोषित नहीं की है, लेकिन सोमवार को इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची से संबंधित विधिक प्रविधानों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नेटवर्क (ईआरओ नेट), बीएलओ एप और एसआइआर की प्रक्रियाओं के संबंध जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में आठ जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र वितरित करने, इन्हें भरने में सहयोग करने, एकत्रित करने व मतदाता का सत्यापन तथा उसे बीएलओ एप पर अपलोड करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी का नाम काटा जा रहा है तो उससे संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं।
हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
रिणवा ने कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मतदाता सूची त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में अधीनस्थ बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें। उन्होंने उन पोलिंग बूथों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जहां लिंगानुपात असंतुलित है।
ऐसे बूथों के लिए कार्ययोजना बनाकर बीएलओ के माध्यम से समूहवार जागरूकता और नामांकन कराया जाए। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भी विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
















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