BNP NEWS DESK। NITI Aayog नीति आयोग के अपर सचिव रोहित कुमार ने कहा कि देश के हर कोने में अनवरत विकास कार्य हो रहे हैं। नार्थ रीजन भी इससे अछूता नहीं। बदलाव भी दिख रहे हैं। अधिकारी कड़ी मेहनत करके लक्ष्य की प्राप्ति भी कर रहे हैं। लेकिन इसे सतत बनाए रखना चुनौती से कम नहीं। गांव में पाइप लाइन से पानी पहुंच रहा है तो लंबे समय तक जनता को शुद्ध पेयजल कैसे मिले, अब इसकी चिंता करनी होगी। सरकार की भी यही चाहत है कि विकास कार्यक्रम गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इस दिशा में आगे बढ़ना होगा।
कहा कि आंकड़ों, निधियों और कार्यकर्ताओं को एक साथ लाकर और सभी स्तरों पर सहयोग को बढ़ावा देकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी पीछे न छूटे। हमारा अंतिम लक्ष्य संतृप्ति से स्थिरता की ओर बढ़ना है।
NITI Aayog नीति आयोग के एडीशनल सेक्रेटरी बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में होटल हिल्टन में आयोजित सर्वोत्तम अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिसेज) पर आयोजित क्षेत्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में देश के उत्तरी क्षेत्र (नार्थ रीजन) के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के विभिन्न जिलों के 74 डीएम, सीडीओ व ब्लाक के अधिकारियों की भागीदारी रही। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के स्वागत के बाद सत्र प्रारंभ हुआ।
चार स्तर में आयोजित इस सम्मेलन में नीति आयोग के एडीशनल सेक्रेटरी ने सबसे पहले बेस्ट प्रैक्टिसेज के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य है कि हेल्थ एंड पोषण, शिक्षा एवं कौशल संवर्धन, कृषि एवं जल स्रोत , बुनियादी ढांचा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास विषय पर अच्छे हुए कार्य के बारे में अधिकारी जानें।
हरियाणा के नूंह व जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मनकोड में नवजातों के कम वजन से मुक्ति पर चर्चा
एक दूसरे से सीख लें और आगे बढ़ें। संगोष्ठी में हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के जिलों के अफसरों ने स्वास्थ्य एवं पोषण समेत विभिन्न विषयों पर हुए अच्छे कार्यों का प्रजेंटेशन दिया। इससे हुए बदलाव की कहानी साझा की। विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने सवाल भी पूछे। जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले के डीएम अशोक कुमार शर्मा ने मनकोड ब्लाक की कहानी साझा की। बताया कि 36 किलोमीटर एलओसी (लाइन आफ कंट्रोल) पर हेल्थ एंड पोषण पर उल्लेखनीय कार्य किया गया। जन्म लेने वाले बच्चों को औसत से कम वजन यहां बड़ी समस्या थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं मोबाइल पर पोषण ट्रैकर एप संचालित कराना, गर्भवती महिलाओं को चिहि्नत करना आसान काम नहीं था। अभियान चलाकर आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं ने एक-एक गर्भवती महिला को चिह्नित किया। निरंतर महिलाओं की मानीटरिंग की गई। जांच होती रही। संपूर्ण आहार उपलब्ध कराया गया। नतीजा बहुत अच्छा रहा। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के एडीएम रविंद्र ठाकुर ने पूह ब्लाक की कहानी साझा की।
बताया कि इस ब्लाक में 35 प्रतिशत बच्चे कम वजन के चिहि्नत हुए। अभियान चलाया गया। परिणाम सार्थक रहा। अब यह आंकड़ा जीरो हो चुका है। प्रयागराज के बहरिया ब्लाक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर हुए बेहतरीन कार्य को अफसराें ने साझा किया।
हरियाणा के नूंह जिले के एडीसी प्रदीप कुमार ने खेल से हुए बदलाव की बयार साझा की। कहा कि स्थानीय लोगों को खेलो मेवात कार्यक्रम के जरिए जोड़ा गया। ड्रग व साइबर क्राइम की तरह जा रहे युवा अब खेल के क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। उत्तराखंड के विशेष सचिव और रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा ने कई सत्रों की अध्यक्षता की। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
यह कार्यक्रम डैशबोर्ड पर संख्या के बारे में नहीं, जीवन में बदलाव के बारे में
नीति आयोग के अपर मिशन निदेशक (एबीपी) आनंद शेखर ने कहा कि यह पहल स्वामित्व, नवाचार और जनभागीदारी से प्रेरित विकास के एक नए माडल के रूप में उभरी है। यह कार्यक्रम किसी डैशबोर्ड पर संख्याओं के बारे में नहीं है बल्कि जीवन में बदलाव के बारे में है। एक ऐसा माडल जहां अधिकारी, समुदाय और साझेदारियां मिलकर चुनौतियों को अवसरों में बदल रहे हैं।
















Discussion about this post