BNP NEWS DESK। ISI देश के संवेदनशील ठिकानों के वीडियो और फोटो पाकिस्तान भेजने के मामले में कौशांबी पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया था। आरोपित पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर बड़े रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशनों, सैन्य ठिकानों पर 50 से ज्यादा सोलर बेस्ड सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले थे। इसका लाइव प्रसारण पाकिस्तान में देखा जाना था। देश में बड़े हमले की साजिश रचने के लिए ये कैमरे लगवाए जा रहे थे।
ISI आरोपितों ने मुंबई, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक के बड़े रेलवे स्टेशनों और आर्मी ठिकानों की लोकेशन पाकिस्तान भेजी थी। सुभारती यूनिवर्सिटी के पीछे थाना परतापुर, मेरठ निवासी मुख्य आरोपित सुहेल ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड सीसीटीवी कैमरा लगाया था। जिसका एक्सेस आइएसआइ के एजेंट के वाट्सएप नंबर पर दिया गया था। आइएसआइ ने आरोपितों को वीडियो, लोकेशन और फोटो भेजने के बदले में अलग-अलग कीमत तय की थी।
वीडियो के लिए 20 हजार, फोटो के लिए 10 हजार और लोकेशन के लिए पांच हजार रुपये दिए जाते थे।
आरोपितों ने आइएसआइ को बताया था कि कैमरे लगाने से वे पकड़े जा सकते हैं। इसके बावजूद आइएसआइ ने उन्हें कैमरे लगाने के लिए लाखों रुपये देने का भरोसा दिया। सभी आरोपित सुहेल की देखरेख में काम कर रहे थे।
सुहेल ने अन्य आरोपितों इरम, कौशांबी थानाक्षेत्र के भोवापुर निवासी प्रवीन, औरैया निवासी राज वाल्मिकी, बदायूं निवासी शिवा वाल्मिकी और शाहजहांपुर निवासी रितिक गंगवार से बात की थी। प्रारंभ में अन्य आरोपितों ने मना किया, लेकिन जब सुहेल ने लाखों रुपये प्रति व्यक्ति का आश्वासन दिया, तो सभी तैयार हो गए।
इसके बाद आरोपितों ने रेलवे स्टेशन और सैन्य ठिकानों के बाहर महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। भारतीय खुफिया एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैमरे लगाने के पीछे आइएसआइ का मकसद क्या था। ISI
आतंकी संगठनों को दी जानी थी भीड़-भाड़ वाली लोकेशन
आइएसआइ ने भीड़-भाड़ वाले स्थानों की वीडियो, फोटो और लोकेशन आतंकी संगठनों को उपलब्ध कराने की साजिश रची थी, ताकि आतंकवादी अपने मकसद को पूरा करने में सफल हो सकें।
भोवापुर में होती थी मीटिंग
चार आरोपित भोवापुर में किराये में रहते थे। भोवापुर में ही कमरे में सभी आरोपितों की मीटिंग होती थी। ISI
मीटिंग में पाकिस्तान से मिलने वाले पैसे, डायरेक्शन आदि के बारे में बातचीत की जाती थी। पूर्व में भोवापुर से कई बांग्लादेशी पकड़े जा चुके हैं।
आरोपितों को सोमवार को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी।
पूछताछ में जांच में कई अहम जानकारियां सामने आएंगी। आरोपितों के नेटवर्क के बारे में पता चल सकेगा। ISI
















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