BNP NEWS DESK। Iran War पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के 15वें दिन ईरान ने घरेलू मोर्चे पर सामान्य प्रशासन जारी रहने और सैन्य दबाव के बावजूद व्यवस्था कायम रहने का दावा किया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि लगातार हमलों, परिवहन और संचार ढांचे में व्यवधान के बावजूद सरकारी सेवाएं बिना बड़े अवरोध के चल रही हैं और देश मिलकर हुए नुकसान की भरपाई करेगा। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के उन दावों को खारिज किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के गंभीर रूप से घायल होने की आशंका जताई थी।
Iran War राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि ईरान की जनता और सरकार मिलकर मौजूदा कठिन हालात पर विजय पाएंगे। उन्होंने कहा, “ईरान की महान जनता के सहयोग से हम इन परिस्थितियों को पार करेंगे और जो कुछ नष्ट किया गया है, उसे पहले से बेहतर रूप में फिर खड़ा करेंगे।” उन्होंने सरकारी अधिकारियों और नागरिकों के सहयोग के लिए आभार भी जताया।
सुप्रीम लीडर को लेकर अमेरिकी दावे खारिज
रायटर के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कोई समस्या नहीं है और नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने एक अमेरिकी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि देश का सर्वोच्च नेतृत्व सामान्य रूप से कार्य कर रहा है। Iran War
भारतीय जहाजों को छूट देना संबंधों का सम्मान
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि ईरान और भारत के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और भारतीय जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की छूट देकर इसका सम्मान किया गया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा हम अपनी तरफ से मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करेंगे। ईरानी दूतावास ने आड़े वक्त में मदद के लिए आगे आनेवालों का आभार जताया और नकद सहायता के लिए बैंक खाता संख्या भी साझा की।
अमेरिका पर क्षेत्रीय अस्थिरता का आरोप
एएनआइ के अनुसार, एक साक्षात्कार में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि पश्चिम एशिया में सुरक्षा और स्थिरता केवल क्षेत्रीय देशों के सहयोग से संभव है, बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य मौजूदगी ने क्षेत्र में शांति लाने के बजाय तनाव और अस्थिरता को बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल के प्रभाव में वाशिंगटन ने यह समझा कि ईरान पर दबाव डालकर उसे झुकाया जा सकता है, लेकिन यह आकलन गलत साबित होगा। Iran War
















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