BNP NEWS DESK। Vande Bharat हाई-स्पीड और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चित ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला ट्रेन की रफ्तार का नहीं, बल्कि यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की सुरक्षा से जुड़ा है।
Vande Bharat प्रयागराज से नई दिल्ली की यात्रा कर रहीं एक महिला अधिवक्ता ने खाने की पैकेजिंग को लेकर रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
महिला अधिवक्ता अवनि बंसल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि शुक्रवार को सफर के दौरान उन्हें जो रोटियां दी गईं, वे प्लास्टिक के पैकेट में बहुत ज्यादा गर्म थीं। अवनि का कहना है कि पैकेट पर साफ तौर पर निर्देश लिखे थे कि इसे ‘ठंडी और सूखी जगह’ पर रखा जाए, लेकिन इसके बावजूद रोटियों को पालीथिन समेत ही माइक्रोवेव ओवन में गर्म कर दिया गया।
जब उन्होंने इस बारे में वहां मौजूद स्टाफ से सवाल किया, तो स्टाफ ने स्वीकार किया कि रोटियों को पैकेट सहित ही गर्म किया गया है। महिला यात्री ने इसे यात्रियों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए सीधे रेल मंत्री से शिकायत की है। Vande Bharat
इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आईआरसीटीसी ने भी अपना पक्ष रखा है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रेन में इस्तेमाल की जाने वाली पैकेजिंग पूरी तरह से सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली है।
आईआरसीटीसी के मुताबिक, यह पैकेजिंग तय तापमान मानकों के अनुरूप तैयार की गई है और स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए इसमें रखा भोजन किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है। जहां यात्री इस प्रक्रिया को असुरक्षित मान रहे हैं, वहीं रेलवे इसे आधुनिक कैटरिंग का सुरक्षित हिस्सा बता रहा है। Vande Bharat
















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