BNP NEWS DESK। Murder of Student भुवनेश्वर के कलिंग इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज में नौवीं कक्षा के छात्र शिव मुंडा की मौत के मामले में भुवनेश्वर-कटक पुलिस ने सनसनीखेज राजफाश किया है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह सोची-समझी हत्या थी, जिसे संस्थान प्रबंधन ने ‘हार्ट अटैक’ बताकर दबाने की कोशिश की थी।
Murder of Student पुलिस ने हत्या के मामले में छात्र के तीन नाबालिग सहपाठियों को तथा सुबूत मिटाने के आरोप में संस्थान के एडिशनल सीईओ सहित आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त एस देवदत्त सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि संस्थान ने मृतक के स्वजन को गुमराह करते हुए दावा किया था कि शिव की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। संस्थान ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव स्वजन को सौंप दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर दबाव के निशान मिलने से गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई।
टायलेट ब्लाक में महज एक बाल्टी को लेकर विवाद
जांच में पता चला कि 11 दिसंबर की रात टायलेट ब्लाक में महज एक बाल्टी को लेकर हुए विवाद के बाद तीन छात्रों ने शिव के साथ मारपीट की और उसका गला दबा दिया।
एसीपी सोनाली परमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जब हास्टल के अन्य छात्रों से गोपनीय तरीके से पूछताछ की तो परतें खुलती चली गईं। गंभीर बात यह है कि हत्या के बाद संस्थान के शिक्षकों और अधिकारियों ने अन्य छात्रों को मुंह बंद रखने की धमकी दी और सुबूतों के साथ छेड़छाड़ की।
पुलिस ने मामले में हत्या (धारा 103 बीएनएस) और साक्ष्य छिपाने जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अपराधियों को संरक्षण देने और जांच प्रभावित करने के आरोप में संस्थान के अतिरिक्त सीईओ प्रमोद कुमार पात्र, हेडमास्टर रश्मिरंजन नायक, टीजीटी शिक्षक विनय और हास्टल पर्यवेक्षकों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तीनों नाबालिग आरोपितों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। Murder of Student








