BNP NEWS DESK। Sonbhadra Mine Accident सोनभद्र के ओबरा के बिल्ली मारकुंडी में ड्रिलिंग के दौरान शनिवार को दो हुए खदान हादसे में मलबे में दबे श्रमिकों में से सोमवार की शाम तक छह श्रमिक का शव बरामद हो गया। इसकी पुष्टि प्रशासन ने की है। मृतकों में कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा ग्राम पंचायत के परसिया टोला निवासी रविंद्र उर्फ नान्हक (18) पनारी ग्राम पंचायत के करमसार टोला निवासी दो सगे भाई इंद्रजीत यादव (32) व संतोष यादव (30), खड़री टोला के रामखेलावन (40) शामिल हैं। रविवार की देर रात करीब ढाई बजे परसोई ग्राम पंचायत के अमिरिनिया टोला निवासी राजू सिंह (40) का शव बरामद हुआ था। एक श्रमिक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान नहीं हो सकी है। उसकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
Sonbhadra Mine Accident प्रत्येक मृतक के स्वजन को सरकार की ओर से 20.55 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सोमवार को भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू करती रही। पत्थर के बड़े चट्टान को तोड़ने के बाद हटाए गए मलबे से यह सभी शव बरामद हुआ। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की मौजूदगी में रेस्क्यू चल रहा है।
सोमवार को प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री व जनपद के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल तथा श्रम एवं सेवायोजन समन्वय विभाग मंत्री अनिल राजभर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहां उन्होेंने चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिया कि शवों की बरामदगी के बाद भी अभियान जारी रखा जाए ताकि कोई भी मजदूर का शव मलबे में छूटा न रह जाए।
उन्होंने अधिकारियों से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कहा कि इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी। मंत्री द्वय ने बताया कि विभिन्न मदों से प्रत्येक मृतक के स्वजन को 20.55 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है। इस मामले में खनन पट्टाधारक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज है लेकिन किसी कि गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। Sonbhadra Mine Accident
बता दें कि शनिवार को दोपहर बाद लगभग ढाई बजे घटना हुई। इसके बाद से ही मलबा हटाने का काम शुरू हो गई। रात लगभग आठ बजे वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। हालांकि रात होने के कारण बहुत तेजी से बचाव कार्य नहीं चल पाया।
सुबह में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सीआइएफ की टीम में शामिल लगभग 100 जवानों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू शुरू कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए बग्घानाला तिराहे के पास ही बैरिकेडिंग लगाकर बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। मौके पर फोर्स लगाई गई है, जो किसी को भी खदानों की ओर जाने नहीं दे रही है। Sonbhadra Mine Accident
















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