बीएनपी न्यूज डेस्क। Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत जनपद में निर्मित कुल 9 सडकों के निर्माण/अनुरक्षण की समीक्षा की। जनपद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत कुल 9 मार्ग जिनका अनुरक्षणाधीन अवधि पश्चात् हैण्डओवर कर दिया गया है, जिसमें 05 मार्ग निर्माण खण्ड-1 को 03 मार्ग प्रान्तीय खण्ड को एवं 01 मार्ग निर्माण खण्ड भवन को पूर्व में हस्तान्तरित किया गया है कि समीक्षा की गयी। प्रत्येक रोड की फोटो प्रस्तुत की गयी थी।
प्रान्तीय खण्ड को हस्तान्तरित पहड़िया-बलुआ रोड से दीनापुर-सरायमोहन रोड की फोटो के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो गये है। आबादी के पास कई स्थानों पर जगह-जगह जल भराव होने के कारण रोड क्षतिग्रस्त हैं। छित्तमपुर से रजवाड़ी वाया धौरहरा मार्ग की फोटो के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि किमी संख्या 5 एव 6 के आबादी भाग में नाली चोक हो जाने के कारण मार्ग पर प्रायः जल जमाव होता रहता है। जिसके कारण मार्ग पर पाटहोल्स/पैच बने है। विशेष रूप से रजवाड़ी टोल प्लाजा के शुल्क से बचने के लिए मार्ग का बाबतपुर एयरपोर्ट की तरफ जाने हेतु बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। एआरटीओ को निर्देशित किया गया कि उक्त मार्ग पर प्रवर्तन करें एवं अधिशासी
अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि वैरियर लगवाना सुनिश्चित करें ताकि भारी वाहन का प्रवेश न हो सके।
एनएच 56 से सरायकाजी से भोजूबीर-सिन्धौरा मार्ग बाया पलहीपट्टी की कुल लम्बाई 9.25 किमी के सापेक्ष मार्ग की फोटों के अवलोकन से स्पष्ट है कि कुछ किमी में आबादी भाग होने के कारण पाट होल्स/पैच है, जबकि मार्ग का निर्माण कराये अभी सात माह ही हुआ है। अधिशासी अभियन्ता, लोक निमाण विभाग प्रान्तीय खण्ड को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त तीनों मार्गों पर पाट होल्स/पैच बने है के संबन्ध में स्थिति स्पष्ट करें, साथ ही पैच मरम्मत का कार्य पूर्ण कराकर फोटोग्राफ के साथ अवगत कराना सुनिश्चित करें। अधिशासी अभियन्ता लोक निमाण विभाग, निर्माण खण्ड-1 को 05 मार्ग हैण्डओवर किया जा चुका है, जिनका नवीनीकरण विगत 2 वर्षों में कराया जा चुका है। अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि ओडीआर वाले मार्गों पर हैण्डओवर के तत्काल बाद नवीनीकरण का क्या औचित्य है तथा किन परिस्थितियों में नवीनीकरण का कार्य कराया गया। इस संबन्ध में तीन दिन के भीतर अपनी स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करेगें।






