BNP NEWS DESK। Cockroach Janata Party कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा नीट के मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय मंत्रियों के बीच हुई सफल वार्ताओं के बाद यह फैसला लिया गया। आंदोलन खत्म होने की घोषणा के बाद से प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ आंदोलन खत्म होने का ऐलान
शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और नेता आशुतोष रांका ने संयुक्त रूप से आंदोलन की समाप्ति की घोषणा की।
पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी सभी शर्तें मान ली हैं, इसलिए अब सभी प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट जाएं।
सरकार और केजेपी नेताओं के बीच हुईं तीन दौर की बैठकें
नेता आशुतोष रांका ने मीडिया को जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कुल 3 महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इन वार्ताओं में सकारात्मक माहौल के बीच सहमति बनी और सरकार ने पार्टी की तीनों मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया है।
स्वीकार की गई मुख्य मांगें:
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया गया है।
वापस होंगे सभी मुकदमे: आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस केस वापस लिए जाएंगे।
आर्थिक मुआवजा: नीट पेपर लीक और इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल और श्रद्धांजलि सभा
जैसे ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मांगें माने जाने की खबर जंतर-मंतर पर पहुँची, वहाँ मौजूद छात्रों और समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया।
नारेबाजी और राष्ट्रगान: छात्रों ने “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए और सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया।
दो मिनट का मौन: इस दौरान नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले सभी छात्र-छात्राओं की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दे दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा, ‘करीब डेढ़ महीने पहले जब हम यहां आए थे, तब से लेकर आज तक देश का युवा जाग चुका है। उसने अपने अधिकारों और न्याय के लिए लड़ाई लड़ी है। आज आखिरकार हमारी मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। हम उन सभी परिवारों के बारे में सोच रहे हैं, जिन्होंने पेपर लीक के बाद अपने प्रियजनों को खो दिया। हम उन लाखों-करोड़ों छात्रों के बारे में भी सोच रहे हैं, जिनका भविष्य पेपर लीक की वजह से बर्बाद हो गया।
हमें उम्मीद है कि आज उन्हें कुछ हद तक न्याय मिला है। हमें आशा है कि जो भी अगला शिक्षा मंत्री बनेगा, वह जवाबदेह होगा, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएगा। यह मंच युवाओं के लिए बना है और आगे भी युवाओं के मुद्दे उठाता रहेगा। हम अपनी आवाज पूरे देश तक पहुंचाएंगे।’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने कहा, ‘छात्र एकता जिंदाबाद। लोकतंत्र की जीत हुई है। हमने कर दिखाया। Cockroach Janata Party













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