BNP NEWS DESK। Iran-US peace deal 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद 4 महीने युद्ध चला। अब दोनों देश शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं।
19 जून 2026, शुक्रवार को जिनेवा में MoU पर हस्ताक्षर होने हैं। इसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान मध्यस्थ है।
समझौते के 14 मुख्य पॉइंट
पहला चरण – तुरंत लागू:
1. युद्ध खत्म: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर औपचारिक सीजफायर
2. होर्मुज खुलेगा: ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं लेगा। 30 दिन में ट्रैफिक युद्ध-पूर्व स्तर पर आएगा
3. नाकेबंदी हटेगी: अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा
4. फ्रीज फंड: ईरान की $24 अरब की जमी संपत्ति 60 दिन में चरणबद्ध तरीके से जारी होगी। Iran-US peace deal
दूसरा चरण – 60 दिन की बातचीत:
5. परमाणु मुद्दा: ईरान परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी देगा। यूरेनियम संवर्धन पर बातचीत होगी
6. प्रतिबंधों में ढील: तेहरान को प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी 6d959024
मतभेद अभी भी हैं:
– अमेरिका का रुख : US उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा “ईरानियों को कोई कैश नहीं मिलेगा”। फंड तभी जारी होगा जब ईरान शर्तें पूरी करे
– ईरान का रुख: उप-विदेश मंत्री गरीबाबादी बोले “ये समझौता अमेरिका पर भरोसे से नहीं, ईरान की सैन्य ताकत के दम पर हुआ है”। ईरान पहले US के कदम देखेगा
– इजरायल बाहर: इजरायल इस वार्ता का हिस्सा नहीं है और लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार नहीं।
भारत को फायदा:
1. तेल सस्ता: होर्मुज खुलने से कच्चा तेल $100/बैरल के ऊपर से नीचे आएगा। भारत 40% LPG UAE से लेता है
2. रुपया मजबूत: आयात लागत घटेगी, महंगाई कम होगी
3. निर्यात बढ़ेगा: मार्च में पश्चिम एशिया को निर्यात 57.95% गिरा था। अब शिपिंग रूट खुलने से मालभाड़ा घटेगा। Iran-US peace deal
















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