BNP NEWS DESK। Vice Presidential election देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, इसका फैसला अब नौ सितंबर को हो जाएगा। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को देश के 17वें उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस दौरान नामांकन की प्रक्रिया सात अगस्त से शुरू होगी। जबकि मतदान नौ सितंबर को होगा और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त तक की है।
Vice Presidential election उपराष्ट्रपति के लिए यह चुनाव 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ की ओर से अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए दिए गए इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है। उपराष्ट्रपति पद के लिए जारी निर्वाचन कार्यक्रम के तहत नामांकन पत्रों की जांच 22 जुलाई को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 25 अगस्त निर्धारित की गई है। वहीं, मतदान नौ सितंबर को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक होगा।
इसके तुरंत बाद मतगणना होगी। चुनाव आयोग के मुताबिक उपराष्ट्रपति के लिए सिर्फ उन्हीं प्रत्याशियों का नामांकन वैध माना जाएगा, जिनके नामांकन पत्र पर 20 सांसद प्रस्तावक होंगे और 20 अन्य सांसदों का समर्थक के रूप में हस्ताक्षर होगा।
इस चुनाव में लोकसभा व राज्यसभा दोनों ही सदनों के सदस्य मतदान में हिस्सा ले सकेंगे। वैसे तो दोनों सदनों की कुल सदस्य संख्या 788 है लेकिन मौजूदा समय में इनकी कुल संख्या 782 है।
इनमें लोकसभा के 542 व राज्यसभा के 240 सदस्य हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं की सूची तैयार कर ली गई है। जिन्हें इस सूची की जरूरत हो, सौ रुपये देकर इसे प्राप्त कर सकते हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर प्रक्रिया तब शुरू की थी, जब 22 जुलाई को धनखड़ के इस्तीफे को गृह मंत्रालय ने अधिसूचित कर दिया था। इसके साथ ही इस पद को रिक्त घोषित कर दिया गया है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राजनीतिक दल जारी नहीं कर सकते व्हिप
उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग ने इससे जुड़े नियमों को भी जारी किया है। इसमें चुनाव में हिस्सा लेने वाले सांसदों को लेकर कोई भी राजनीतिक दल व्हिप जारी नहीं कर सकता। यानी दोनों सदनों के सदस्य अपनी स्वेच्छा से वोट कर सकते हैं। वहीं चुनाव पूरी तरह से गुप्त मतपत्र के जरिये होगा।
यदि कोई भी इस गोपनीयता का उल्लंघन करता है तो पीठासीन अधिकारी द्वारा उसके मतपत्र को रद कर दिया जाएगा। मतदान के दौरान प्रत्याशियों के सामने प्राथमिकता अंकित करना होता है, जो अंतरराष्ट्रीय रूप में रोमन रूप में या किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषाओं के रूप में चिन्हित किया जा सकता है।
यह केवल अंकों में ही रहेगा। इसे शब्दों में नहीं प्रदर्शित किया जा सकता। मत चिन्हित करने के लिए आयोग की ओर मतदाताओं को एक विशेष पेन दिया जाएगा। मत पत्र पर सिर्फ इसी पेन से चिन्हित की गई प्राथमिकताएं मान्य होंगी। किसी अन्य पेन का उपयोग नहीं किया जा सकता।
यहां होगा उपराष्ट्रपति के लिए मतदान
आयोग ने इस दौरान उपराष्ट्रपति के लिए मतदान होने की स्थिति में संसद भवन के कमरा नंबर एफ-101 वसुधा प्रथम तल पर मतदान केंद्र बनाया है। मतदान के दिन इस जगह पर वोट डाले जाएंगे।
















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