BNP NEWS DESK। World Arthritis Day जोड़ों के रोग अब केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं रह गए हैं। गठिया (आर्थराइटिस) और इससे जुड़ी अन्य तकलीफें तेजी से मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी चपेट में ले रही हैं। एम्स के एक अध्ययन के अनुसार प्रदूषण का बढ़ता स्तर भी इसकी प्रमुख वजह है।
जब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तब आर्थराइटिस का दर्द भी अधिक होता है। प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से शरीर का प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होने लगता है। ऐसी स्थिति में शरीर की कोशिकाएं स्वयं को डैमेज करने लगती हैं। इसलिए हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर अधिक दर्द होता है।
हवा में प्रदूषण की मात्रा को लेकर सीपीसीबी की रिपोर्ट के साथ-साथ एम्स ने 300 मरीजों पर 10 वर्ष तक अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि हवा में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का लेवल 2.5 माइक्रोमीटर से ज्यादा होने पर मरीजों का दर्द बढ़ता है।
World Arthritis Day रोजमर्रा के तनाव, अनियमित खानपान, नींद की कमी और शरीर को पर्याप्त विश्राम न देना भी इन बीमारियों को बढ़ा रहा है। लोग दिनभर दफ्तर में बैठे रहते हैं और फिर अचानक स्वास्थ्य जागरूकता के जोश में कुछ हफ्तों तक जिम या रनिंग शुरू कर देते हैं, पर कुछ महीनों में सब छोड़ देते हैं।
यह असंतुलित पैटर्न शरीर और जोड़ों पर उल्टा असर डाल रहा है। ओपीडी में आने वाले करीब 25 प्रतिशत मरीज ऐसे नए और युवा हैं जो पहली बार जोड़ों की समस्या लेकर आते हैं। इनमें घुटनों, कूल्हों और रीढ़ से जुड़ी शिकायतें सबसे आम हैं।
पर्यावरण और जीवनशैली से जुड़ी हैं बीमारियां
आर्थराइटिस बढ़ने की वजह केवल उम्र या आनुवांशिक नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवनशैली से जुड़ी हैं। हम खाना खाते हैं, वह अक्सर प्रोसेस्ड और मिलावटी होता है। पोषक तत्वों की कमी और व्यायाम की अनदेखी हड्डियों और जोड़ों को कमजोर बना रही है।
गलत जूते पहनना, खासकर नुकीले या टाइट फुटवियर भी पैर के जोड़ों पर असर डालते हैं। युवा मरीजों में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग के कारण अंगूठे और अंगुलियों के जोड़ों की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। हालांकि कुछ प्रकार के आर्थराइटिस को जीवनशैली में सुधार करके रोका जा सकता है या उसे टाला जा सकता है।
आर्थराइटिस के सामान्य लक्षण
हल्का बुखार, भूख न लगना, अधिक थकावट महसूस होना, तेजी से वजन कम होना, जोड़ों में दर्द, सूजन व अकड़न
इस तरह किया जा सकता है बचाव
स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें।
संतुलित आहार लें और धूम्रपान की आदत छोड़ें।
जोड़ों पर दबाव कम डालें, तनाव प्रबंधन के लिए योग और ध्यान का सहारा लें।
जोड़ों में दर्द, सूजन, चलने पर खटखट की आवाज या अकड़न होने पर चिकित्सीय परामर्श लें।
चिकित्सक की सलाह के बिना सप्लीमेंट्स या व्यायाम शुरू न करें। बहुट टाइट या नुकीले जूते न पहनें।
















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